खुफिया विभाग: रोहिंग्या गोला-बारूद कर रहे हैं इकट्ठा , नगालैंड पर कर सकते है हमला

अक्टूबर 14, 2017 कोहिमा :  रोहिंग्या शरणार्थियों को देश में शरण देने या फिर वापस भेजने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को 21 नवंबर तक के लिए टाल दिया है। पर रोहिंग्या देश के लिए कितने खतनाक है … Continue reading

भारत में ही हिन्दू हो रहे है अल्पसंख्यक, हिंदुओं को खत्म करने की चल रही है साजिश

conversion in india

अक्टूबर 6, 2017 बहुसंख्यक हिन्दू बाहुल भारत देश में भले हिन्दू निश्चिंत हों लेकिन रिपोर्ट चौकाने वाला है भारत के ही कई राज्यों में हिन्दू एकदम अल्पसंख्यक हो गए हैं उसमे बाकी जो बचे है उनको भी जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन करने … Continue reading

मीडिया हिन्दू धर्मगुरुओं पर ही बहस करती रही वहाँ मौलवी और फादर ने कर दिया बलात्कार

rape by father in missionary school

मीडिया हिन्दू धर्मगुरुओं पर ही बहस करती रही वहाँ मौलवी और फादर ने कर दिया बलात्कार अगस्त 6, 2017 मात्र एक वर्ग विशेष पर नजर गड़ाये बैठा खास मीडिया वर्ग ना जाने इन खबरों को क्यों नहीं दिखा रहा है, … Continue reading

हिन्दू संतों पर कोलाहल करने वाली मीडिया पादरियों के बलात्कार करने पर चुप क्यों ??

rape by pastor

 *हिन्दू संतों पर कोलाहल करने वाली मीडिया पादरियों के बलात्कार करने पर चुप क्यों ??* सितम्बर 1, 2017 हाल ही में केरल कोट्टियूर में सेंट #सेबास्टियन चर्च के #कैथोलिक पादरी 48 वर्षीय फादर रोबिन उर्फ मैथ्यू वडकनचेरिल को 16 वर्षीय … Continue reading

कवि: हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा

conversion media love jihad

अगस्त 23, 2017 धर्मान्तरण, लव जिहाद, मीडिया और पाश्चात्य संस्कृति द्वारा हिन्दू संस्कृति एवं हिन्दू धर्म रक्षक संतों पर हो रहे कुठाराघात को लेकर एक कवि ने बहुत ही सुंदर कविता बनाई है । आइये पढ़ते है क्या लिखा है … Continue reading

ईसाई मिशनरियों की खुल्ली चेतावनी धर्मान्तरण बंद नही होने देंगे

Open-warnings-of-Christian-missionaries-will-not-stop-converting

अगस्त 18, 2017🚩उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी #आदित्यनाथ की तरह ही #झारखंड के #मुख्यमंत्री भारतीय #संस्कृति के अनुरूप सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ विधर्मियों को यह कार्य रुचता नहीं है इसलिए उनके विरुद्ध षडयंत्र कर रहे … Continue reading

हिन्दुस्तान में हिन्दू अपने को सुरक्षित महसूस नही कर पा रहे हैं..!!

जुलाई 11, 2017
 हिन्दुस्तान में 80% से अधिक हिन्दू हैं और हिंदुत्ववादी सरकार है फिर भी हिन्दू खुद को सुरक्षित महसूस नही कर रहे , कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला हुआ, मानसरोवर यात्रा रोकी गई, केरल और तमिलनाडु में हिन्दू कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है, बंगाल जल रहा है ।
भारत में हज यात्रा के समय सरकार द्वारा 826 करोड़ रुपये सब्सिडी मिलती है उसमें एक भी आतंकी हमला नही होता है ।
caste discrimination
 #अमरनाथ यात्री #टैक्स देकर जाते हैं फिर भी आतंकी हमला होता है, हिन्दुस्तान में ही हिंदुओं को पूर्ण अधिकार नही मिल पा रहा है । अपने आराध्य देव के दर्शन करने को भी सुरक्षित नही जा पा रहे हैं ।
जनता अब बोल रही है कि मोदीजी अब केवल निंदा करना बंद करो और अमरनाथ यात्रियों पर आक्रमण करने वालों को उनकी भाषा में उत्तर दो !
पिछले साल 2016 में हुई #अमरनाथ #यात्रा से लौटकर आये यात्रियों का हाल सुन हर #हिंदुस्तानी की आँखे भर आयेगी…!!!
भगवान #भोलेनाथ के भक्तों ने वापिस लौटकर बताया था कि आततायी उन्हें पूछ-पूछ कर मार रहे थे कि अमरनाथ यात्री हो, #हिंदू हो या #कश्मीरी।
वाहनों के नंबर देखकर पत्थर मारना शुरू कर देते थे। गालीगलौज भी कर रहे थे। बचने का कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा था, इसलिए गालियाँ, बदसलूकी व मारपीट भी बर्दाश्त की और किसी तरह से सेना के कैंपों में पहुँचकर अपनी जान बचाई ।
#सहारनपुर(उ.प्र) की 18 साल की सुहाना ने बताया कि मनीगाम के पास अचानक से उन पर पथराव शुरू हो गया। कुछ युवक उनके पास आए और मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह से उनके आगे हाथ जोड़कर वे लोग आगे बढ़े और थोड़ी दूर सेना के कैंप में पहुँच कर अपनी जान बचाई।
सुहाना को घर आने के बाद भी सड़कों पर हर तरफ बिखरे पत्थर, घरों में लगी आग, पंजाबी ढाबों पर तोड़फोड़ और आग का मंजर याद आ रहा था ।
अमरनाथ से लौटे #गाजियाबाद के कुलदीप कुमार ने बताया था कि वे लोग तीन दिन बालटाल में रुके रहे। रात को 11 बजे उन्हें वहां से जाने को कहा गया। सोमवार को सुबह पांच बजे अनंतनाग के पास पहुंचे। यहां घात लगाकर बैठे पत्थरबाजों ने उनके वाहन पर पथराव शुरू कर दिया ।
#राजस्थान से आए दीनानाथ ने बताया था कि बालटाल से आते वक्त भी रास्ते में हर जगह पथराव किया गया। अब सेना भी वहाँ रुकने नहीं दे रही थी। रात को ही उन्हें वहाँ से #जम्मू निकलने के लिए बोल दिया गया था ।
कश्मीर से लौटे #यात्रियों ने बताया था कि उनको #मिलिट्री बेेस कैंप में शरण नहीं मिलती तो सुरक्षित जम्मू नहीं पहुँच सकते थे। घाटी मेें जो मंजर उन्होंने देखा है, वह पूरी उम्र नहीं भुलाया जा सकता ।
#नागपुर #महाराष्ट्र के मंगेश और विट्ठल ने बताया था कि पहलगाम में पत्थरबाजों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प शुरू हो गई। समझ में नहीं आया कि अब कहां जाए,लेकिन सबको #मिलिट्री बेस कैंप में शरण मिल गई तो जान बच गई । जब वहाँ से निकले तब सड़क पर सिर्फ पत्थर व लकड़ियाँ दिखाई दे रही थी।
#भोपाल की मीरा बाई और अतुल ने बताया था कि घाटी का मंजर उनके लिए भुलाना मुश्किल है।
ट्रक चालक कमलजीत सिंह का कहना है कि 8 जुलाई को बिजबिहाड़ा में शाम को जैसे ही पहुँचा तो टाटा सूमो से उतरे कुछ युवकों ने उसके ट्रक पर पथराव शुरू कर दिया। एक पत्थर शीशे को तोड़ता हुआ उसके चेहरे पर आकर लगा।
इसके बाद कुछ युवकों ने उसे ट्रक से नीचे उतारा और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इससे उसकी बाजू पर गहरी चोट आई। देखते ही देखते कुछ युवक आपस में ट्रक जलाने की बात करने लगे तो वह मुश्किल से वहां से भागा ।
कमलजीत का कहना था कि कश्मीर की सड़कें जले हुए टायर और पत्थरों से भरी पड़ी हैं। वह जम्मू के अन्य चालकों को भी पीट रहे हैं।
मनिंदर सिंह ने बताया था कि मैं अपने छोटे भाई किशन के साथ आठ जुलाई को सुबह 10 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से श्रीनगर के लिए निकला था। उसी दिन आतंकी बुरहान मारा गया था।  शाम होने तक #श्रीनगर में #कर्फ्यू लगा दिया गया। पोस्टपेड मोबाइल भी बंद कर दिए गए। फिर भी नौ जुलाई को किसी तरह अमरनाथ पहुंचे और दर्शन किये ।
उस वक्त तक #श्रीनगर में बवाल काफी बढ़ गया था। वहां से आने के रास्ते को बंद कर दिया गया था। हम लोग बालटाल स्थित एक होटल पहुंचे। वहां की लाइट बंद कर दी गई। होटल वाले ने जनरेटर चलाने से भी मना कर दिया। किसी तरह रात बिताई।
10 जुलाई 2016 को देर रात हम लोग वहां से घर वापसी के लिए निकले। रास्ते में पत्थरबाजी होती रही। हमारी टैक्सी पर भी पत्थर लगे। कार के शीशे टूट गए। उसके कांच से मेरे हाथ पर जख्म भी हुए ।
इसके बाद फिर सोनमार्ग में रोक दिया गया। कर्फ्यू के बावजूद आर्मी वाले थोड़े-थोड़े समय पर ढील देकर यात्रियों को आगे भेज रहे थे। रात करीब ढाई बजे हम दोनों एयरपोर्ट पहुंच गए।
#एयरपोर्ट के बाहर भी चार से पांच हजार यात्री जमीन पर लेटे हुए थे। वहां कोई सरकारी मदद नहीं मिल रही थी। यहां तक कि पानी का भी इंतजाम नहीं था। चाय 60 रुपये की एक कप मिल रही थी।
खाने की कोई व्यवस्था नहीं। बड़ी मुश्किल से 11 जुलाई को दोपहर में हमें फ्लाइट मिली और #दिल्ली वापस पहुंचे, तब जाकर जान में जान आई।
मेरे लिए इस बार की अमरनाथ यात्रा किसी सदमें से कम नहीं थी। न खाने की सुविधा न ठहरने की। न प्रशासन की तरफ से और न श्राइन बोर्ड की ओर से कोई सहायता मिली। सिर्फ सेना की मदद से सुरक्षित घर लौटे हैं।
आश्चर्य!!! ये क्या कह रहे थे अमरनाथ में बाबा के दर्शन करने गए #दर्शनार्थी….???
 हम हिंदुस्तान में रह रहे हैं या पाकिस्तान में…???
क्या पाकिस्तान में हिन्दू ऐसा कहर बरसा सकते हैं मुसलमानों पर…???
क्यों हमारे ही देश में रहकर हमारे ही हिंदुओं पर आज अत्याचार हो रहा है…???
कहाँ है हिन्दू की रक्षा करने का दावा करने वाली हिंदुत्वादी #सरकार..???
पूरे विश्व में जिस महान #संस्कृति ने सुख शांति, समानता और एकता का पाठ पढ़ाया ,आज उसी संस्कृति की जड़ें काटनेे का काम हो रहा है देश में…!!!
आज हम अपने ही देश में पराये होते जा रहे हैं ।भले सरकार बदली, #कांग्रेस से #BJP आयी, पर हिंदुओं पर अत्याचार तब भी हो रहा था और आज भी हो रहा है…!!!
हज करने वालों को सरकार सब्सिडी देती है पर #अमरनाथ यात्रियों को विकट परिस्थितियों में भी सुविधा प्रदान नही करती…!!!
ऐसे अत्याचारों पर हिंदुओं को ही एकजुट होकर अन्याय से खिलाफ आवाज उठानी होगी ।
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ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं

ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं
जून 23, 2017
विश्रामपुर
(झारखंड) : भूत प्रेत से शांति दिलाने के नाम पर ईसाई मिशनरियां दलित
पिछड़े वर्ग एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का जोरशोर से काम कर रही हैं
। पिछले दिनों राज्यस्तरीय पार्टी कार्यकर्ता की बैठक में धर्मांतरण पर
सक्त कानून बनाने की बात मुख्यमंत्री #रघुवर दास की ओर से कही गई थी। परंतु
इसका कोई प्रभाव लोगों पर नहीं पड़ा । धर्मांतरण का खेल चरम सीमा पर है।
कुछ बिचौलिये भोले भाले गरीब परिवार को लालच देकर अपने लक्ष्य में सफल हो
रहे हैं। इसमें विश्रामपुर व नावा बाजार थाना क्षेत्र भी इसमें पीछे नहीं
है।
conversion
थाना
क्षेत्र के #उमेश चौधरी, #सुगेंद्र उरांव, #विजय राम व तोलरा गांव से
#गणेश उरांव, #चतुगुण उरांव जैसे दर्जनों लोगों ने बातचीत के क्रम में
स्वीकार किया है कि धर्मांतरण के बाद उन्हें भूत प्रेत से शांति मिली है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा गांव निवासी बिशुनदेव भुइयां ने बताया
कि, उनकी पत्नी का दो बार गर्भपात हो गया था। पुत्र प्राप्ति के मोह में
ईसाई धर्म स्वीकार करने को कहा गया है और वे धर्मांतरित भी हो गए ।
#धर्मांतरण
करने वाले कुछ लोग शहर में किराए के मकान में रहते हैं। साथ हीं अपने आप
को ऊंची जाति का हवाला देकर कहते हैं कि, हमने ईसाई धर्म अपना लिया है तो
तुम दलित पिछड़े लोग अपनाने से क्यों परहेज कर रहे हो..??
इसमें कोई पाप नहीं। लोगों को बताया जाता है कि प्रभु यीशु
से तुम्हारा सम्पर्क होगा । घर में सुख शांति आएगी। सभी प्रकार के दर्द
पीड़ाएँ दूर होंगी । इसके साथ साथ लोगों को कहा जाता है कि ईसाई धर्म ही बड़ा
धर्म है।
तुकबेरा
गांव के एक भुईयां परिवार ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक विडियो में स्वीकार
किया है कि ईसाई धर्म अपनाने से दर्द पीड़ाएं भूत- प्रेतो से शांति मिलती
है। चर्च में गरीबों को मुर्गा भात खिलाकर उन्हे धर्म परिवर्तन कराया जा
रहा है। राजहारा कोठी निवासी सुमंत साव के पूरा परिवार ने इसलिए हिन्दू
धर्म त्याग कर दिया कि भूत प्रेत से शांति चाहिए थी। जो ईसाई धर्म अपनाने
से मिली। जब ईसाई धर्मांतरण से दर्द पीड़ा व भूत-प्रेत से शांति मिलती है तो
सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर किया जा रहा करोडो़ का खर्चा बेमानी है।
इस
क्षेत्र में #धर्मांतरण कर ईसाई बनाने का खेल वर्षों से चल रहा है। परंतु
तीन वर्षों से क्षेत्रों में धर्मांतरण का कार्य हावी है। इससे पूर्व ईसाई
बने लोग मेदिनीनगर जाकर रविवार को प्रार्थना करते थे। बढ़ती संख्या को देखते
हुए धर्म के दलाल स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि से संपर्क स्थापित किए। जिसने
लालच में आकर प्रत्येक रविवार को सार्वजनिक जगहों पर प्रार्थना की अनुमति
दे दी। पिछले साल 2015 में गांव में एक विशाल गिरजाघर बना दिया गया। जहां
प्रत्येक रविवार को प्रार्थना कराई जाती है। साथ ही बाहर से आने वाले फादर
या पास्टर अंधविश्वास से जकडे़ लोगों को धर्म अपनाने के बाद मुक्त होने की
बात कहते हैं। जिसके बहकावे में लोग आ रहे हैं।
#धर्मांतरण के विरुद्ध #कार्रवाई की मांग
प्रखंड
के #अनुसूचित जाति, जन जाति व पिछड़ी जाति के लगभग तीन सौ लोगों ने
धर्मातरण कर लिया है। इसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने की
है। इनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों ने आदिम
जनजाति,अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों
को विदेशी धन के बल पर प्रलोभन देकर धर्मांतरित करने का अभियान चलाया है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहारा कोठी, तुकबेरा, छतवा इसका प्रत्यक्ष
प्रमाण है।
उन्होंने
कहा कि राज्य के कई जिलों में एक रणनीति के तहत भोले-भाले लोगों को
#शिक्षा एवं #स्वास्थ्य सेवा की आड़ में चंगाई करिश्मा दिखाकर #धर्मातरित
किया जा रहा है। इसके कारण गांवों का समीकरण बदल गया है। राजहारा जैसे
हिन्दू बहुल गांव में चर्च बन गए। प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। धर्मातरण से
संबंधित संस्था या व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही।
नावा
बाजार के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक चौपडा ने कहा कि, भूत प्रेत जैसे
अंधविश्वास के नाम पर झूठे भ्रम फैलानेवाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की
जाएगी। क्षेत्र में धर्मांतरण की जानकारी नहीं मिली है। संज्ञान में आने पर
कानूनी कार्रवाई की जायेगी। स्थानीय लोगों से इसकी समुचित जानकारी ली जा
रही है।
 स्त्रोत : जागरण
विदेश
के फिलॉसफर #नित्शे ने बताया कि मैं ईसाई धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ,
उसमें आंतरिक #विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है ।
इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । #ईसाईत गुलाम, क्षुद्र और #चांडाल का पंथ
है ।
 #एच.जी.वेल्स ने भी लिखा था कि दुनिया की सबसे बड़ी बुराई है रोमन #कैथोलिक चर्च ।
#डॉ.
एनी बेसेन्ट लिखते हैं कि मैंने 40 वर्षों तक विश्व के सभी बड़े धर्मो का
अध्ययन करके पाया कि हिन्दू धर्म के समान पूर्ण, महान और वैज्ञानिक धर्म
कोई नहीं है ।
2017
साल पुराना, गौ मांस खाने वाला, शराब पीने वाला, छोटे-छोटे बच्चों के साथ
कुकर्म करने वाला ईसाई धर्म बड़ा है या सबको सुखी स्वस्थ और सम्मानित जीवन
जीने देने वाला सनातन धर्म बड़ा???
आपको
बता दें कि अक्टूबर 2016 को #झारखंड के मुख्यमंत्री #रघुवर दास ने कहा था
कि कुछ लोग हमारी हिन्दू संस्कृति और परंपरा को नष्ट करने का प्रयास कर रहे
हैं । लालच या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध है ।
मुख्यमंत्री
ने लोगों को कहा कि हिन्दू धर्म और #सनातन #संस्कृति पर चोट या आंच
पहुंचाने की कोशिश करने वालों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करो ।
पूरी
दुनिया मानती है कि #हिन्दू #धर्म सबसे श्रेष्ठ है और जो उनको ही लालच
देकर धर्मान्तरण करवा रहे हैं उनकी तो जेल में ही जगह होनी चाहिये ।
ये मुख्यमंत्री जी ने बिलकुल सही कहा है ।
जैसा
कि हमने पहले भी बताया है कि रोमन #केथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है जिसे
वेटिकन सिटी बोलते हैं । अपने धर्म (ईसाई) के प्रचार के लिए वे हर साल
करीब​ 17 हजार करोड़ डॉलर खर्च करते हैं ।
वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नहीं है कि उनके कितने व्यापार चलते हैं ।
रोम शहर में 33% #इलेक्ट्रॉनिक , प्लास्टिक, #एयर लाइन, #केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ में हैं ।
दुनिया में सबसे बड़े #Shares​ वेटिकन के पास हैं ।
इटालियन #बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बैंकों में उनकी बड़ी भारी deposit है ।
ज्यादा जानकारी के लिए पुस्तक #VATICANEMPIRE पढ़े !!
आपको
बता दें कि ईसाई पादरी छोटे #बच्चे- बच्चियों के साथ #दुष्कर्म करते हैं
लेकिन उनके खिलाफ #मीडिया कुछ नही बोलती बल्कि उनका पक्ष लेती है क्योंकि
90% मीडिया ईसाई मिशनरियों के फंड से चलती है ।
लेकिन
जब कोई हिन्दू साधु-संत या हिन्दू संगठन या सरकार भोले-भाले #हिन्दुओं को
#पैसा, #दवाई, कपड़े आदि देकर धर्मान्तरण के खिलाफ मुहिम चलाते हैं तो
देशद्रोही और बिकाऊ मीडिया उनके खिलाफ देश में एक माहौल बनाकर उनकी छवि को
धूमिल कर देते हैं ।
ईसाई
धर्मान्तरण पर रोक लगाने और हिंदुओं की घरवापसी कराने वाले #जयेन्द्र
सरस्वती, संत #आसारामजी बापू, स्वामी असीमानन्द जैसे अनेक हिन्दू संतों को
जेल भेज दिया गया और स्वामी #लक्ष्मणानन्द जी की तो हत्या करवा दी गई । ऐसे
जो भी धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज उठाता है उनको जेल भेज दिया जाता है या तो
हत्या करवा दी जाती है ।
ये देश में बहुत बड़ा #षडयंत्र चल रहा है । हिन्दुओं का दिन-रात धर्मान्तरण करवा रहे हैं ।
#केंद्र_सरकार
को आगे आना चाहिये और #धर्मान्तरण के खिलाफ कानून पारित कर देना चाहिए और
जो भी धर्मान्तरण करता हुआ पाया जाये उसको आजीवन जेल भेज देना चाहिए जिससे
#धर्म #सुरक्षित हो, देश सुरक्षित हो ।
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मीडिया ने छुपाई खबर : 300 लोगों का ईसाई मिशनरियां करवा रही थी धर्मपरिवर्तन

मीडिया ने छुपाई खबर : 300 लोगों का ईसाई मिशनरियां करवा रही थी धर्मपरिवर्तन
12 मई 2017
ईसाई
मिशनरियां प्रलोभन देकर भोले-भाले हिन्दुओं का धर्मपरिवर्तन करवा लेते हैं
लेकिन जब उनको वास्तविकता पता चलती है कि दुनिया में हिन्दू धर्म ही
सर्वश्रेष्ठ है तो वो पश्चाताप करके घरवापसी करते हैं । आज ईसाई मिशनरियां
देश मे खुलेआम धर्म परिवर्तन करवा रहे है पर उनके विरुद्ध क्यों मौन है
भारत की मीडिया ??
Media-hidden-news-300-Christian-missionaries-were-doing-Dharmapirvantan
सिर्फ अपना नाम बदल लेने से , सिर्फ अपना आराध्य बदल लेने से कोई कुछ भी करे वो पाप और बीमारी से कैसे बच सकता है?
ये
थ्योरी फिलहाल समझ के बाहर की बात है पर ऐसा कर के भोले भाले ग्रामीणों को
धर्म त्यागने पर मजबूर किया जा रहा है,वो भी बिना किसी डर के ।
मामला
है गुरुवार का उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में जहाँ दक्षिण टोला थाने के गाँव
सलेम पुर में अचानक ही सूचना मिली कि ईसाई मिशनरी से जुड़े कुछ लोग लगभग
300 लोगों को विभिन्न प्रलोभन आदि देकर हिन्दू धर्म त्याग करवा अपना पंथ
अपनाने के लिए पहुंचे हैं ।
विश्व
हिन्दू परिषद् के लिए ये खबर बहुत अप्रत्याशित थी और वो सीधे वहां पहुंच
गए जहाँ हिन्दुओं का धर्म-परिवर्तन करवाया जा रहा था ।
मौके
पर भीड़ लगी मिली और धर्मांतरण के प्रमाण भी थे । वहां लोगों को बताया जा
रहा था कि ईसा मसीह की शरण में आने से सारे दुःख दूर होते हैं और हर बीमारी
खत्म हो जाती है और भी उसके अलावा बहुत कुछ समझाया जा रहा था ।
विश्व
हिन्दू परिषद् के वहां पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली तो हड़कंप मच गया ।
तत्काल किसी अनहोनी की घटना को रोकने के लिए मौके पर पुलिस बल पंहुचा और
धर्मांतरण करा रहे 6 मिशनरी प्रतिनिधियों को गिरफ्तार करके थाने ले आये
जहाँ उन से गहन पूछताछ की गई ।
विश्व
हिन्दू परिषद् आक्रोशित हो उठी थी जिसके बाद पुलिस ने उनसे तहरीर देने की
बात कही । तत्पश्चात विश्व हिन्दू परिषद् के शैलेन्द्र सिंह की दी गयी
तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर के कार्यवाही शुरू कर दी गई।
मामले
की गंभीरता बढ़ते देख कर जिलाधिकारी ने भी विषय का संज्ञान लिया और अधीनस्थ
SDM को तत्काल कार्यवाही के निर्देश जारी किये । SDM ने पूरे प्रकरण की
बारीकी देखना शुरू कर दिया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने का
आश्वासन दिया है । धर्म त्यागने के लिए उन्हें भी लाइन में बैठाया गया था
जिनकी उम्र अभी इतनी कम है कि वो अपना नाम भी ठीक से बता नहीं पा रहे थे ।
इतनी बड़ी खबर है लेकिन किसी मीडिया ने नहीं दिखाई, केवल एकमात्र राष्ट्रवादी चैनल सुदर्शन न्यूज चैनल ने ही इसका पर्दाफाश किया ।
सरकार बदलने और नोटबन्दी के बाद आज भी ईसाई मिशनरियां हिन्दुओं का धड़ल्ले से धर्म परिवर्तन करवा रही हैं, कब रोक लगेगी?
हिन्दू
गलती से किसी अन्य धर्म में चला गया और उस हिन्दू को घरवापसी करवाते है तो
मीडिया खूब हल्ला करने लगती है लेकिन जब हिंदुओं का खुल्ले आम
धर्मपरिवर्तन करवाया जा रहा है वहाँ पर क्यों चुप्पी साधी है मीडिया ने ??
क्या मीडिया को वेटिकन सिटी से फंड मिल रहा है? जिससे वो उनके खिलाफ नहीं बोलती !!
ईसाई
मिशनरियां द्वारा हमारे देश में खुल्ले आम भोली-भाली जनता को नौकरी, पैसा,
दवाई की लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि
हिन्दुस्तान को फिर से गुलाम बनाया जाये । इसलिए वो दिन-रात धर्मपरिवर्तन
करवाने में लगे हैं उनको वेटिकन सिटी से पैसा मिलता है धर्मपरिवर्तन करवाने
का ।
जो
पादरी छोटे बच्चों के साथ कुकर्म करते हैं, बच्चियों के साथ बलात्कर करते
हैं, गौ-मांस खाते हैं, मदिरापान करते हैं, वो दूसरों को कैसे पाप से मुक्त
कर सकते हैं ?
 जो खुद पापकर्म में लिप्त हैं ।
अतः देश की भोली-भाली जनता को सतर्क रहने की जरूरत है ऐसे धर्म में जाना अच्छा नही है जो खुद ही पतित हो ।
मीडिया
केवल हिन्दू धर्म के साधु-संतों को ही बदनाम करती है लेकिन कुकर्मी
पादरियों या मौलवी के लिए एक शब्द भी नही बोलती है इससे सिद्ध होता है कि
वेटिकन सिटी और मुस्लिम देश से इनकी फंडिंग होती है जिससे उनके खिलाफ नही
बोलकर पवित्र साधु-संतों के ऊपर कीचड़ उछालती है ।
वेटिकन
सिटी का दुनिया भर में खरबों में बिजनेस चलता है, उनका एक ही उद्देश्य है
कि भारत में भी धर्मपरिवर्तन के जरिये लोगों को गुमराह करके ईसाई धर्म को
बढ़ावा देकर देश को गुलाम बनाया जाये।
अतः कुकर्म करने वाले पादरियों और उनके फंड से चलने वाली मीडिया से सावधान रहें ।
सरकार और न्यायालय को भी धर्मपरिवर्तन करने वालों के खिलाफ कड़क कानून बनाना चाहिए और बिकाऊ मीडिया पर लगाम कसनी चाहिए ।

मुस्लिम धर्म से परेशान होकर मुस्लिम परिवारों ने अपनाया हिन्दू धर्म

🚩मुस्लिम धर्म से परेशान होकर #मुस्लिम परिवारों ने अपनाया #हिन्दू धर्म
🚩उत्तर
प्रदेश के फैजाबाद में अपने ही #धर्म के लोगों से परेशान होकर दो दर्जन से
भी ज्यादा मुस्लिम लोगों ने #हिंदूधर्म को अपना लिया है और साथ ही सभी
#वैदिक हिंदू धर्म अपनाने की #धार्मिक प्रक्रिया पूरी की । घर वापसी करने
वाले मुस्लिमों को आर्य समाज और संघ के नेता द्वारा आयोजित विशेष पूजन के
बाद #हिंदूधर्म में वापिस शामिल किया गया है।
ghar vapsi
🚩#आर्य समाज और संघ के नेता का दावा है कि सभी लोगों ने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म अपनाया है।
आपको
बता दें कि यह मामला रविवार को अम्बेडकरनगर जिले के #आलापुर क्षेत्र का है
जहां दर्जन भर से ज्यादा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने #हिंदू धर्म अपना
लिया है और साथ में इन लोगों ने मुस्लिम नाम को छोड़कर #हिंदू नाम भी रख
दिया है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इन लोगों के नामों को उजागर नहीं किया
गया है।
🚩आर्य
समाज के प्रधान #हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक
#महर्षि दयानंद सरस्वती के पदचिन्हों पर चलते हुए परम पिता #परमेश्वर की
प्रेरणा से बिना किसी लोभ, भय अथवा दबाव के एक दर्जन से अधिक लोगों ने
पूर्ण #वैदिक विधि-विधान के साथ विशेष का कार्यक्रम #आचार्य शर्ममित्र
शर्मा द्वारा सम्पन्न कराया ।
 विश्व
हिन्दू परिषद के #प्रवीण तोगड़िया ने भी कुछ समय पहले बताया था कि हमने
करीब 5 लाख #मुस्लिमों को हिन्दू धर्म में वापसी करवाई है ।
🚩क्या
आप जानते हैं कि अखण्ड भारत में मुस्लिम #धर्म था ही नही लेकिन विदेशी
आक्रमणकारी मुगलों ने भारत में आकर लूट-पाट की और हिन्दुओं को क्रूर मुगलों
ने #तलवार की नोक पर जबरदस्ती मुस्लिम धर्म में परिवर्तन करवाया लेकिन अब
जिन मुस्लिमों को पता चल रहा है कि हमारे पूर्वज #हिन्दू थे हमें जबरदस्ती
मुस्लिम धर्म परिवर्तन करवाया था तो अब  #मुस्लिम धर्म छोड़कर फिर से
#हिन्दूधर्म अपना रहे हैं ।
🚩शरिया एक्ट से कई मुस्लिम लोग #परेशान हैं ।
जानिये क्या है शरिया लॉ एक्ट ??
भारत में कैसे आया ??
🚩भारत
में अलग-अलग समाज के लोग रहते हैं । भारतीय #संविधान के अनुच्छेद 14 के
अनुसार भारत में रहने वाले सभी लोगों को एक समान संरक्षण का अधिकार है,
लेकिन जहाँ मुसलमानों के व्यक्तिगत मुद्दों की बात आती है वहाँ कई अहम
मुद्दों पर मुसलमान #शरिया के अनुसार उन मुद्दों का निराकरण करते हैं। ये
मुद्दे है निकाह, तलाक, विरासत, बच्चों का उत्तराधिकार आदि।
अधिकतर शरिया या शारियत सुनने व पढ़ने में आता है।
 आखिर ये है क्या और कब से ये लागू हुआ ?
🚩 जिसका हवाला देते हुए तमाम मौलाना कहते हैं कि उनके मामलों में दखल ना दे #सरकार ..
🚩इस्लामिक
समाज शरीयत के अनुसार चलता है। शरीयत में #मोहम्मद पैगंबर द्वारा किए हुए
काम के शब्द शामिल हैं । #मोहम्मद पैगंबर के बाद कई संस्थाओं ने अपने
अनुसार इस्लामिक कानूनों की व्याख्या की और इन्हें प्रसारित व प्रचारित
किया। इस्लामिक लॉ की #चार संस्थायें हैं जो कुरान में लिखे शब्दों की
व्याख्या करती हैं। ये संस्थाएं हैं हनफिय्या , मलिकिय्या, शफिय्या और
हनबलिय्या । जो अलग-अलग सदी में विकसित हुई थी। मुस्लिम देश अपने अपने
मुताबिक इन संस्थाओं के #कानूनों का पालन करते हैं ।
शरीयत आखिर भारत में कैसे आया ?
🚩भारत
में मुस्लिम पर्सनल लॉ एप्लिकेशन एक्ट ब्रिटिशों की देन है। #ब्रिटिश
सरकार का #भारतीयों पर जब राज करना मुश्किल होने लगा तब #ब्रिटिश सरकार ने
भारतीयों पर उनके सांस्कृतिक नियमों के आधार पर राज करने की प्रक्रिया
निकाली। #ब्रिटिश सरकार ने मुसलमानों के व्यक्तिगत मुद्दे पर हस्तक्षेप
करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने मुसलमानों के व्यक्तिगत मुद्दों के लिए
मुस्लिम लॉ एक्ट लाकर उन्हें उनके व्यक्तिगत मुद्दों पर उठे विवादों को
शरीयत के अनुसार ही सुलझाने की छूट दे दी।   #ब्रिटिश सरकार ने 1937
मुस्लिम लॉ एक्ट लाकर जो विभाजन करवाने का कार्य किया वैसा ही कार्य कुछ
#पूर्ववर्ती सरकारों ने किया ।
🚩सन्
1985 में एक 62 वर्ष की मुस्लिम महिला शाह बानो ने #सुप्रीम कोर्ट में एक
याचिका दाखिल की जिसमें उसने अपने पूर्व पति से गुजारे #भत्ते की मांग की
थी। #सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस मांग से सहमत होकर इस मुद्दे को सही बताया
और अपनी मुहर लगाई। इस फैसले का मुस्लिम समाज में काफी #विरोध देखने को
मिला व इसे कुरान के खिलाफ बताया। इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था। तब
तत्कालीन  #प्रधानमन्त्री  ने वोट बैंक के #लालच में ऐसा फैसला लिया जिससे
देश आज भी प्रभावित है। तत्कालीन #प्रधानमन्त्री  राजीव गांधी ने मुस्लिम
महिला संरक्षण तलाक अधिकार अधिनियम को पास कर दिया।
🚩जिसके
अनुसार पति के लिए #तलाकशुदा पत्नी को गुजारा #भत्ता देना तो जरूरी हो गया
था लेकिन साथ ही ये प्रावधान भी था कि यह #भत्ता केवल #इद्दत की अवधि के
दौरान ही देना होगा। #इद्दत तलाक के 90 दिनों बाद तक ही होती है ।
🚩उपरोक्त
#कानून की पूरी विवेचना आदि वर्तमान में #सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार
के लिए आवश्यक है जिससे समान नागरिक #आचार संहिता का पालन हो कर सबके लिए
समान कानून बन सके । फिलहाल 3 #तलाक के विषय में 3 #तलाक के तमाम समर्थक
शरीयत एक्ट पर चल कर 3 #तलाक को कायम रखने की मांग कर रहे हैं ।
🚩अब #न्यायालय और #सरकार को भारतीय संविधान से अलग चलने वाले #शरिया कानून को तुरन्त #खत्म कर देना चाहिए ।
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