गोवंश प्रतिबंध के बाद भी केवल नागपुर में सालाना 28 करोड से अधिक ‘गोमांस’ कारोबार

अगस्त 5, 2017

🚩नागपुर : #नागपुर के #अवैध #कत्लखानों से रोजाना एक ट्रक #गोमांस बाहर भेजा जा रहा है। सुकृष्ट निर्माण चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध संचालक #कनकराय उर्फ #कनूभाई सावड़िया के अनुसार, एक गाड़ी में #8 हजार किलोग्राम मांस होता है। 100 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से एक दिन में 8 लाख रुपए का माल भेजा जाता है। एक वर्ष में यह #आंकड़ा #28 करोड़ 80 लाख रुपए हो जाता है। यहां के #कामठी, #गड्डीगोदाम, #टेका नाका, #यशोधरा नगर आदि स्थानों पर #अवैध कत्लखानों का संचालन हो रहा है। यहां से गोमांस #हैदराबाद और #औरंगाबाद के कारखानों तक भेजा जाता है। इन कारखानों से सर्टिफाइड होकर और प्रोसेसिंग से गुजरने के बाद यह माल विदेशों में तक पहुंचाया जाता है।
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🚩हाल ही में नागपुर के जलालखेड़ा तहसील के हत्थीखाना गांव के रहने वाले #सलीम इस्माइल शाह को गोमांस ले जाने के आरोप में गोरक्षकों ने जमकर पीटा था। यह राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना। पूरे मामले में खास बात यह है कि जब महाराष्ट्र में मार्च #2015 में गोवंश काटने पर #प्रतिबंध लग गया तो यह मांस कहां से आया ?
🚩इस सवाल के जवाब में भास्कर ने नागपुर और इसके आस-पास के क्षेत्र में गोमांस पर पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। केवल नागपुर में ही प्रतिबंध के बाद 28 करोड़ 80 लाख का सालाना अवैध गोमांस का कारोबार होता है। इसके बाद #विदर्भ में #अमरावती इस कारोबार का दूसरा #बड़ा सेंटर है। दोनों ही जगह समय-समय पर इस कारोबार से जुड़े लोग व गोमांस पकड़ा भी गया। इस अवैध कारोबार की पुष्टि के लिए ये मामले काफी हैं। मगर अधिकांश बार इस #मामले में #प्रशासन और #पुलिस कार्रवाई करने से #बचते नजर आते हैं।
🚩3 वर्ष में #435 आरोपियों के विरोध में कार्रवाई
🚩पिछले तीन वर्ष में नागपुर, गोंदिया, गडचिरोली व अन्य जिले में पुलिस ने 435 #आरोपियों के विरोध में प्रकरण #दर्ज किया गया है। इन आरोपियों से इन तीन वर्षों (2014 से जुलाई के दूसरे सप्ताह 2017 तक) में लगभग #35 हजार किलोग्राम गोमांस बरामद किया गया है। इसे न्यायालय के आदेश पर नष्ट किया गया। इस साल गोमांस के #40 से अधिक #मामले नागपुर शहर और ग्रामीण थानों में दर्ज हो चुके हैं।
🚩नियमों का होता है कत्ल
🚩जानकारों की मानें तो किसी भी कत्लखाने में नियमों का पालन नहीं होता है। देश में गोमांस के बढ़ते कारोबार के लिए #प्रशासन की #लाचार नीति को गोरक्षक संगठन जिम्मेदार मानता है। गाेरक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार गोमांस के मामले में गंभीर नहीं बनेगी। यह कारोबार इसी तरह फलता-फूलता रहेगा। इन सब के लिए कहीं न कहीं #प्रशासन के संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है। परंतु वे अपनी इस जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
🚩आसान काम नहीं संचालन
🚩#लाइसेंस लेकर कत्लखाना चलाना आसान काम नहीं है। इसके लिए कई औपचारकिताएं पूरी करनी पड़ती है। #पशु संवर्धन विभाग, #महानगरपालिका, #पुलिस, #फूड एंड ड्रग विभाग, #पर्यावरण विभाग, #आरटीओ सहित 8 से 10 विभागों की एनओसी लेनी पड़ती है। दावा यह भी किया जा रहा है कि सारी औपचारकिता पूरी करके भी नियमों का ख्याल नहीं रखा जाता। सरकारी विभाग इसको लेकर गंभीर भी नहीं रहते। भैंस के नाम पर गोमांस का कारोबार हो रहा है। #फूड एंड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट 2006 व #एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के नियम व शर्तों को ताक पर रखकर यह कार्य किया जा रहा है।
🚩एक हजार में बिक रहीं गायें
🚩गायों के साथ उनके बछड़ों के चोरी होने के मामले बढ़ रहे हैं। इसके लिए बाकायदा पूरा गिरोह काम कर रहा है। एक हजार रुपए में एक गाय बिक रही है। पशु तस्कर इन गायों को कत्लखाने तक पहुंचाते हैं। जानकार बताते हैं कि, ऐसी गायें जो अब दूध नहीं दे रहीं वह 15-20 हजार रुपए में बिक रही हैं।
🚩एक सप्ताह में मिलती है रिपोर्ट
🚩#गोवंश को #बचाने का कार्य करने वाली शहर की सुकृत निर्माण चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध संचालक कनकराय उर्फ #कनूभाई सावड़िया का कहना है कि मांस की जांच रहाटे कॉलोनी चौक की फारेंसकी लैब में होती है। पहले जांच के लिए तीन महीने का समय लगता था, अब एक सप्ताह में रिपोर्ट मिल जाती है। उधर, सेवानिवृत्त #पशु चिकित्सक #श्याम काले का कहना है कि, एक हेल्दी जानवर से करीब सवा दो सौ किलो मांस निकलता है। #अवैध कत्लखाने सेहत के लिए भी #हानिकारक हैं। #जानवरों के शरीर से निकलने वाला अनुपयोगी #मटेरियल पर्यावरण के लिए भी #खतरा है।
🚩खुलेआम हो रहा है अवैध कारोबार
🚩नागपुर जिले में 20 गोरक्षण संस्थाएं हैं। इन संस्थाओं के लिए कार्य करने वाले गोरक्षक गाय और बछड़ों की तस्करी करने वालों पर नजर रखते हैं। खुलेआम रोज विदर्भ में एक करोड़ से अधिक का गोमांस का अवैध कारोबार हो रहा है। इससे जुड़ी जानकारियां समय-समय पर हमारे पास आती हैं। हम #प्रशासन को बता-बता कर #परेशान हैं, मगर #कोई कार्रवाई नहीं होती। पिछले कुछ महीने में #नागपुर, #मौदा, #कामठी, #यशोधरा नगर और वणी में बडी संख्या में गायों और बछड़ों को पुलिस की मदद से #मुक्त कराया गया है।
🚩3 वर्ष में 1 करोड 1 लाख का गोमांस जब्त
🚩अमरावती शहर में विगत 2015 से जुलाई 2017 के बीच पुलिस ने मवेशियों की ढुलाई तथा गौमांस के #62 मामले पकड़े। इसमें #1 करोड़ 9 लाख 13 हजार 960 रुपए का #गोमांस #जब्त कर 686 मवेशियों को जीवनदान दिया है। बावजूद इसके आज भी अवैध मवेशियों की ढुलाई व  कटाई खुलेआम चल रही है। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि, 2015 में गोहत्या व मवेशी ढुलाई के #18 मामले दर्ज हुए थे। #37 आरोपियों को गिरफ्तार कर #13 वाहन जब्त किए गए। इसी तरह #2016 में #25 मामले सामने आए। इसमें 217 मवेशियों को मुक्त कराया गया। #9 लाख 35 हजार का गोमांस पुलिस ने जब्त कर #57 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें #26 वाहन आज भी जब्त हैं। इन दो वर्षों में दाखिल हुए मामलों में पुलिस द्वारा 36 मामलों में चार्जशीट न्यायालय में पेश की गई है।
🚩स्त्रोत : दैनिक भास्कर
🚩एक तरफ #गौ हत्या पर #सरकार #प्रतिबन्द लगाने का बोल रही है दूसरी ओर  #भारत मीट के #निकास में #नंबर एक बन रहा है, कबतक ऐसा चलता रहेगा?
🚩अमेरिका जैसे देश #गौ माता पर रिसर्च करके जीवलेवा #कैंसर, #एड्स आदि #बीमारियों को मिटाने के लिए #गौ-मूत्र से #दवाइयां बनवा रहे हैं और #भारत में उसकी #हत्या हो रही है।
🚩कब रुकेगी गौ हत्या..???
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