हॉलंड में 5 वी. कक्षा से श्रीमदभगवदगीता तथा उपनिषदों की सीख का अभ्यास अंतर्भूत !

जुलाई 10, 2017
#अ‍ॅम्स्टरडॅम : हॉलंड की #हिन्दू पाठशालाओं में अब #5 वी. कक्षा से ही जागतिक शिक्षण अनिवार्य करने के उद्देश्य से #श्रीमदभगवदगीता तथा उपनिषदों के समान हिन्दू #धर्मग्रंथों का अभ्यास अंतर्भूत किया गया है ।
IMPORTANCE OF GITA
हॉलंड के हिन्दू छात्र प्रमुख रूप से #सुरिनाम से आए हैं। सुरिनाम के हिन्दू युवक साधारण रूप से अच्छी सीख प्राप्त कर रहे हैं तथा तुर्क एवं मोरोक्को के मुसलमानों की अपेक्षा अधिक अच्छे #वेतन की नौकरी कर रहे हैं ।
ऐसा नहीं दिखाई दे रहा है कि, केवल #हॉलंड के हिन्दू अन्य अल्पसंख्यंकों की अपेक्षा अधिक गति से प्रगति कर रहे हैं, किंतु वे ऐसा मानते हैं कि यदि किसी को देश के अनुसार परिस्थिति के साथ समझौता करना पड़ता है, तो जिस देश में वास्तव्य करना है, उस देश के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में घुलमिल कर तथा देश के अधिनियमों का पालन कर रहना, उचित बात है।
भारत के अल्पसंख्यंक इस बात से कुछ सीख प्राप्त करते तो देश का #जिहादी #आतंकवाद तथा #हिंसाचार कभी का नष्ट हो जाता तथा उनका जीवनमान भी #सुधर जाता ।
क्या, भारत न्यूनतम हिन्दू एवं शासकीय पाठशालाओं में तो #धर्मशिक्षण देना आरंभ करेगा ?
वर्तमान में भी करोड़ो हिन्दू छात्र अपनी पढाई का आरंभ ‘ग’ गणपति के स्थान पर ‘ग’ गधे का’ ऐसा ही करते हैं ! स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात
भारत मे भले ही विदेशी #लुटेरे मुगलों का और #अंग्रेजों की महिमा मंडन वाला इतिहास पढ़ाया जाता हो लेकिन विदेश में आज भी कई जगहों पर भगवान #श्री राम और भगवान #श्री कृष्ण की महिमा का इतिहास पढ़ाया जा रहा है और वे लोग #बौद्धिक, #आर्थिक और सभी क्षेत्रों में तेजी से #आगे बढ़ रहे हैं ।
अमेरिका के #न्यूजर्सी में स्थापित कैथोलिक सेटन #हॉ यूनिवर्सिटी में गीता को #अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया है ।
रोमानिया देश में कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तकों में रामायण और महाभारत के अंश हैं ।
रामायण, महाभारत एवं श्रीमद्भगवद्गीता ग्रंथों की बहुउपयोगिता के कारण ही विदेश के कई स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, प्रबंधन #संस्थान ने इस ग्रंथ की सीख व उपदेश को पाठ्यक्रम में शामिल किया है ।
#प्रोफेसर अनामिका गिरधर का कहना है कि’#श्रीमदभगवद्गीता’ में #चरित्र निर्माण, #आचरण,व्यवहार व विचार को सुंदर एवं अनुपम बनाने की सामग्री मिल जाती है । किसी भी सम्प्रदाय,मत या वाद की कोई भी ऐसी पुस्तक नहीं है कि जो इस #कसौटी पर खरी उतरी हो ।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि गीता में दिया गया ज्ञान आधुनिक मैनेजमेंट के लिए भी एकदम सटीक है और उससे काफी कुछ सीखा जा सकता है।
भारत ने वेद-पुराण, उपनिषदों से पूरे विश्व को सही जीवन जीने की ढंग सिखाया है । इससे भारतीय बच्चे ही क्यों वंचित रहे ?
जब मदरसों में कुरान पढ़ाई जाती है, #मिशनरी के स्कूलों में बाइबल तो हमारे #स्कूल-कॉलेजों में #रामायण, #महाभारत व #गीता क्यों नहीं पढ़ाई जाएँ ?
मदरसों व मिशनरियों में शिक्षा के माध्यम से धार्मिक उन्माद बढ़ाया जाता है तो #सेक्युलरवादी उसे संविधान का मौलिक अधिकार कहते हैं और जब स्कूलों-कॉलेजों में बच्चों को जीवन जीने का सही ढंग सिखाया जाता है तो बोलते हैं कि शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है ।
अब समय आ गया है कि पश्चिमी #संस्कृति के #नकारात्मक प्रभाव को दूर किया जाए और अपनी पुरानी #संस्कृति को अपनाया जाए। #हिंदुत्व को बढ़ावा दिया जाना भगवाकरण नहीं है।’ अपितु उसमें मानवमात्र का कल्याण और उन्नति छुपी है ।
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