करोड़ो जनता पर हो रहे अन्याय को रोकने हेतु पत्र

करोड़ो जनता पर हो रहे अन्याय को रोकने हेतु पत्र
13 मई 2017
जन
जागरण मंच एवं हिन्दू मुस्लिम एकता मंच ने 8 मई को जंतर-मंतर पर विशाल
सत्याग्रह किया एवं बाद में उनके द्वारा सभी देशों के सभी पंथों के
प्रसिद्ध धर्मगुरुओं, संतों ,महात्माओं , गणमान्य  व्यक्तियों एवं  भारत
में स्थित सभी देशों के राजदूतों को एक पत्र जारी कर प्रेषित किया जा रहा
है  I
इस पत्र को UNO कार्यालय, मानवाधिकार आयोग, भारत के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जा रहा है I
विषय –विश्व मानवता के प्रतिनिधि संतों और करोड़ो जनता पर हो रहे अन्याय को रोकने हेतु पत्र
आदरणीय
महोदय जी,

अंतर्राष्ट्रीय
षड़यंत्र और स्वार्थी धर्म विमुख राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण आज विश्व
मानवता के कल्याण में रात दिन लगे हुए विशेष वर्ग के लोगों के साथ अन्याय
हो रहा है । भारत के विश्व प्रसिद्ध संत के मामले में,आज इस सबसे बड़े
एतिहासिक अन्याय के विरोध में 3 -4 वर्षों से करोड़ो जनता न्याय के लिए धरने
प्रदर्शन रैलियाँ आयोजित कर रही है। यह मानव सभ्यता के पतन और विनाश का
सूचक है । भारत के ये विश्व प्रसिद्ध मार्गदर्शक  संत विश्व कल्याण विश्व
बंधुत्व के सिद्धांतों के सबसे बड़े प्रचारक है उनके करोड़ो अनुयायी है।

पिछले
10 -15 वर्षो में संयुक्त राष्ट्र संघ UNO अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
को वैश्विक समस्याओं पर गंभीर आलोचनाओं का शिकार होना, सम्पूर्ण मानवता के
हित में निष्पक्षता के साथ कार्य नहीं करने के कारण और अनेक गंभीर वैश्विक
समस्याओं में विफलता के कारण और अनावश्यक आर्थिक खर्च के कारण अनेक देशों
में हिंसक प्रदर्शन जनता द्वारा किये गए हैं ।
पिछले
17 वर्षों से युवाओं की आत्महत्या विश्व की सबसे बड़ी समस्या बन गयी है ।
इंटरपोल रिपोर्ट सन् 2008 के अनुसार विकसित देशों में भारत की अपेक्षा
प्रति एक लाख जनसंख्या पर पुलिस हजार गुना और अपराध लाख गुना अधिक है ।
आत्मघाती हमलों में पाकिस्तान व इराक सबसे आगे है ।
दो
अंतर्राष्ट्रीय महाशक्तियों के वर्चस्व में पिछले 7 -8 वर्षों में लीबिया
,सीरिया ,मिश्र देशों में लाखों निर्दोष मासूम जनता मार दी गयी है,लाखों
जनता शिविरों में नारकीय जीवन जी रही है ,बड़े –बड़े शहर कब्रिस्तान खण्डर बन
गए हैं ।
वैदिक
ज्ञान अनुसार धर्मनिष्ठ मनुष्य सद्गति पाते हैं, शान्ति को प्राप्त होते
हैं किन्तु धर्मविमुख मनुष्य लम्बी आयु वाले भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी,
शाकिनी बन कर भूख प्यास से तड़पने पर मजबूर होते हैं वे वातावरण में अशान्ति
बढ़ाते हैं ,उन्हें केवल मल – मूत्र पान करने का अधिकार होता है वे अगला
जन्म लेने के लिए लाचार है । संतुलन के लिए विज्ञानमयी प्रकृति का
न्यायकारी नियम है ।
भारत
में पिछले 7-8 वर्षो में इन्ही अंतर्राष्ट्रीय षड़यंत्रकारी शक्तियों को
विफल करके देशभक्त हिन्दू संगठनों ने देशद्रोहियों को अच्छा सबक सिखाया ।
भ्रष्टाचार,सामाजिक क्रान्ति के नाम पर धर्म विमुख इन देशद्रोहियों की धुन पर पूरे भारत की जनता आँख बंद करके नाच रही थी।
कुछ
अंतर्राष्ट्रीय राजनेता ,हिन्दू जनता और भारत के मामले में दोहरे  मापदंड
अपना कर सम्पूर्ण मानवता का विनाश करने के लिए तत्पर है । संतो की शरण में
भारत में अनगिणत शासक हो गए जिनके अखण्ड राज्य में युगों- युगों तक देवता
दुःख और अधर्म खोज नहीं पाए ,निराश होकर लौट गए ।
पिछले
3-4 वर्षों में राजनीति के प्रभाव में संत आशारामजी बापू के सत्संग के
अभाव  में भारत की राजधानी दिल्ली में बलात्कार तीन गुना बढ़ गए और छेड़खानी
की घटनाए छह गुना बढ़ गयी है ।
संयुक्त
राष्ट्र संघ UNO ,Unicef की सन् 2004 की रिपोर्ट के अनुसार विकसित
राष्ट्रों के किशोर और किशोरियाँ मानसिक रोगों और यौन रोगों से ग्रस्त हैं
उनके सुधार कार्यक्रमों और अस्पतालों पर सरकार बहुत बड़ा बजट करोड़ो अरबों
रुपयाँ खर्च करती है । विकसित राष्ट्र आर्थिक संकट से ग्रस्त है समस्याएं
और विकराल हो रही है ।
संत
आशारामजी बापू की प्रेरणा से अनेक संस्थाएं इन  समस्याओं से निपटने वाली
बड़ी संस्था के रूप में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं,ये बिना चन्दा मांगे बिना
गुरु दक्षिणा लिए सामाजिक कार्य कर रहे हैं । सम्पूर्ण मानवता के कल्याण और
विश्व बंधुत्व के दैवी कार्यो को
www.mppd.org पर देख सकते हैं ।
संत
पशुता और मनुष्यता में अंतर सिखाते हैं । ज्ञान और अज्ञान में अंतर सिखाते
हैं । मनुष्य जीवन का एकमात्र लक्ष्य ईश्वर प्राप्ति है । इस हेतु सेवा
कार्य करवाते हैं । इनके करोड़ो अनुयायी गरीब आदिवासी क्षेत्रों में भण्डारे
करते हैं । व्यापक रूप से व्यसन मुक्ति अभियान ,गर्भ पात विरोधी अभियान
,नि:शुल्क चिकित्सा शिविर ,बाढ़ ,भूकम्प आपदा शिविर आदि आयोजित करते है ।
मानव
सभ्यता को बचाने हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ अपने सभी उपक्रमों में शिक्षा
कार्यक्रमों में संत श्री आशारामजी बापू आश्रम से प्रकाशित Bal Sanskar बाल
संस्कार पुस्तकों को एवम दिव्य प्रेरणा प्रकाश divine inspiration,the
secret of eternal energy पुस्तकें लागू करने की कृपा करें ।
संत
आशारामजी बापू को सुरक्षा प्रदान कर उनके सत्संग आयोजन की बाधाओं को दूर
करें । स्वयं संज्ञान लेकर सक्षम अधिकारी इस हेतु शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही
करेंगे ऐसी हमें अपेक्षा है।
कई बुद्धिजीवी ,वैज्ञानिक ,डाक्टर ,ओरा विशेषज्ञ संत आशारामजी बापू के दैवी कार्यो से आश्चर्यचकित हैं। करोड़ो लोगो के अनुभव है ।
संत
आशारामजी बापू के करोड़ों करोड़ों अनुयायी संत  आशारामजी बापू की सुरक्षा और
उनके सत्संग कार्यक्रम की मांग कर रहे हैं,जेल से उनकी सम्मानपूर्वक रिहाई
की मांग कर रहे हैं ।
संत
आशारामजी बापू निर्दोष हैं उन्हें राजनीतिक षड़यंत्र करके फँसाया गया है ।
विश्व प्रसिद्ध संत आशारामजी बापू 3 वर्ष 6 माह से भारत की जोधपुर जेल में
बंद है । उन पर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा है । पीड़ित लड़की
की मेडिकल रिपोर्ट में लड़की कुवांरी पाई गयी है ,खरोच या छेड़खानी के कोई
निशान शरीर पर नहीं पाए गए हैं। संत आशारामजी बापू की उम्र 81 वर्ष की है ,
जमानत उनका अधिकार है लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया गया है ।
संत
आशारामजी बापू पर पोक्सो धारा लगाई गयी है जबकि पीड़ित पक्ष की लड़की की
उम्र प्राथमिक विद्यालय के अनुसार बालिग है । पीड़ित लड़की की मेडिकल रिपोर्ट
,विद्यालय की जन्म तिथि प्रतिलिपि संलग्न है ।
धन्यवाद।
आपका आभारी, बम बम ठाकुर ,
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, जन जागरण मंच एवं हिन्दू मुस्लिम एकता मंच
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