क्या केंद्र सरकार को पुरे भारत में गौ हत्या की बंदिश के लिए क़ानून बनाना चाहिए

🚩तो क्या #हिन्दू बहूल #देश में ऐसी ही #गाय कटती रहेगी ? कब और कौन बनायेगा #गौरक्षा_कानून ?
🚩#हिमाचल_प्रदेश में #गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब #हाई_कोर्ट ने #केंद्र_सरकार को आदेश जारी कर कहा है कि गोहत्या रोकने के लिए 6 महीने के भीतर कानून बनाया जाए। हिमाचल प्रदेश उच्च #न्यायालय ने कहा है कि गोहत्या रोकने, #गो_मांस और इससे बने #उत्पादों के आयात, #निर्यात या बिक्री पर रोक के लिए #राष्ट्रीय स्तर पर कोई भी #कानून #केन्द्र की ओर से बनाया जाना चाहिए।
🚩अक्टूबर 2014 को पारित आदेशों में भी #न्यायाधीश राजीव शर्मा न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने #केंद्र #सरकार से कहा था कि वह इस बारे में #संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए कानून बनाने पर विचार करे। परंतु केंद्र सरकार ने गौहत्या पर कानून बनाने से पल्ला झाड़ दिया । गौहत्या को रोकने के लिए #देशव्यापी कानून नहीं बनाया ।
🚩‘गाय हत्या रोकने का कानून #राज्यों का है और #राज्य ही इसे अमल में ला सकते हैं’ की आड़ में रहकर अपना दोष राज्यों के ऊपर मढ़ दिया। प्रश्न उठता है कि राज्य देश से परे हैं क्या ? #भारत के #राज्य क्या भारत के #संसद के निर्णय से मुकर सकते हैं ?
🚩12 वर्ष पूर्व #अटल_बिहारी वाजपेयी जी ने सभी दलों से गौहत्या बंदी पर सहमति बनाने की कोशिश की थी तो सहयोगी #पार्टी के #नेताओं ने बहुसंख्यक हिन्दूओं के वोट से जीतने पर भी हिन्दू की भावना का कद्र करना जरूरी नहीं समझा ।
🚩#पी.ए. संगमा ने कहा था –गौमांस का भक्षण तो हम बचपन से करते आ रहे हैं, यह वैसे बंद किया जा सकता है ?
🚩#ममता_बनर्जी ने कहा था –गौमांस खाना तो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।
🚩चन्द्रबाबू नायडु ने कहा था हमारे प्रदेश में #मुस्लिम #जनसंख्या अधिक है इस कारण गौहत्या बंदी नहीं हो सकता।
🚩अटलजी छह वर्षों तक राज किये, गोवध नहीं रोका? सांसदों को मना नहीं सके तो बहाना बना दिया कि पशुधन पर #कानून केवल #राज्य बना सकते हैं। केंद्र #देश के संघीय ढांचे से छेड़छाड़ नहीं कर सकता  । संविधान में यह विषय केवल राज्य – सूची में है । प्रश्न उठता है कि फिर क्यों नहीं बदला जा रहा है ऐसे संविधान को ?
🚩1947 से जो भी लोग सत्ता में आते रहे हैं सत्ता मिलते ही गाय के प्रति कर्तव्य निभाना भूल जाते हैं । #आजादी के पहले पंडित #जवाहरलाल_नेहरू ने कहा था कि आजादी मिलने के बाद पहला कानून #गौहत्या_बंदी का बनेगा। #प्रधानमंत्री बनने के बाद #संसद में बोले कि किसी भी किसी भी कीमत पर गौहत्या बंदी नहीं हो सकता। यदि मजबूर किया गया तो वे #त्यागपत्र दे देंगे। क्योंकि वे जानते थे कि उनके चमचे जो उन दिनों संसद में थे वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
🚩इस संदर्भ में वर्ष 1947 के बाद की स्थिति का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि गाय की रक्षा के प्रति अभी तक की कोई भी सरकार ईमानदार नहीं रही है। #मनमोहन_सिंह सरकार के योजना आयोग ने बारहवीं #पंचवर्षीय_योजना में #बूचड़खानों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया था। मोंटेक सिंह अहलूवालिया पशु कत्लगाहों के आधुनिकीकरण के लिए अरबों रुपए की राशि आबंटित कर चुके थे। लाइसेंस में भी बढ़ोतरी का आदेश दिया था।
🚩#योजना_आयोग के ताजा आंकड़े के अनुसार भारत में गायों की संख्या 1947 में एक अरब इक्कीस करोड़ थी, जो घट कर आज केवल दस करोड़ रह गई है। विश्व #खाद्य एवं #कृषि संगठन की चेतावनी पर भारत को गौर करना होगा,जिसने कहा है कि अगर गोधन का संवर्धन नहीं हुआ, तो #पांच_वर्ष बाद #भारत में #दूध का संकट विकराल हो जाएगा । वर्तमान की #भाजपा सरकार से लोगों को तो इतनी उम्मीद थी कि #सरकार बनते ही गौहत्या बंद कानून पूरे देश में बना दिया जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं । वर्तमान में जो #गौवंश का दोहन हो रहा है वह तो गौप्रेमी को और आहत करनेवाला है ।
🚩पिछले साल भर में भारत से गोमांस का निर्यात पंद्रह प्रतिशत बढ़ा है। राजग सरकार की मंत्री मनेका गांधी के अनुसार अकेले बंगला देश को सोलह हजार टन गोमांस बेचा जा चुका है।
🚩#विश्व_हिंदू_परिषद के #प्रवीण_तोगड़िया के अनुसार देश में सर्वाधिक गोमांस #उत्पादन #गुजरात में हुआ है। एक ओर सरकार कह रही है कि गोमांस निर्यात नहीं हो रहा है तो दूसरी ओर जो देश गोमांस खरीद रहे हैं वे कह रहे हैं कि उनके देश में गोमांस की आपूर्ति भारत कर रहा है। फिर इतना बड़ा झूठ क्यों बोला जा रहा है ?
🚩#विदेशी #शासकों ने #भारतीयों को अपमानित करने के लिए गो-मांस को बढ़ावा दिया। #अंग्रेजों की #कूटनीति ने गो-हत्या और गो-मांस को #मुस्लिमों और #ईसाइयों के महजब से जोड़ दिया जबकि कुरान या #बाइबल में कहीं भी गो-हत्या करने या गो-मांस खाने का आदेश नहीं दिया गया।
🚩अंग्रेजो ने मुस्लिमों को गो-हत्या के काम में नियुक्त कर अपनी सेना के लिए गो-मांस का प्रबंध भी कर लिया और #हिंदुओं व मुस्लिमों के बीच बैर के बीज भी बो दिए। उसी नीति के अंतर्गत आज भी कुछ #छात्रों, #चर्च समर्थक सामाजिक कार्यकर्ताओं और #राजनीतिक आग्रहों से प्रेरित होकर गो-मांस उत्सव का आयोजन कर #धार्मिक आधार पर लोगों को बाँटने का कार्य किया जा रहा है । इसमें #योजनाबद्ध तरीके से दलित छात्रों, मुस्लिमों को उकसाया जा रहा है ।
🚩#वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि गाय में जितनी #सकारात्मक #ऊर्जा होती है उतनी किसी अन्य प्राणी में नहीं। गाय की पीठ पर रीढ़ की हड्डी में स्थित #सूर्यकेतु_स्नायु हानिकारक विकिरण को रोककर #वातावरण को #स्वच्छ बनाते हैं। यह #पर्यावरण के लिए लाभदायक है। गाय की #रीढ़ में स्थित सूर्यकेतु #नाड़ी #सर्वरोगनाशक,  #सर्वविषनाशक होती है।
🚩#पश्चिमी_वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया है कि #गौमूत्र में #कार्बोलिक #एसिड होने के कारण #कीटनाशक होता है। #मेलबर्न_विश्वविद्यालय के #वैज्ञानिक #मैरिट_क्राम्स्की द्वारा हुए #शोध से निष्कर्ष निकला कि गाय के दूध को मिलाकर बने क्रीम से #एचआइवी से बचाव होता है। आज #विश्व के सबसे बड़े #मुस्लिम_राष्ट्र #इंडोनेशिया के बाली द्वीप में लंबू नामक #सफेद_गाय की #पूजा-अर्चना की जाती है। उसका दाह-#संस्कार भी किया जाता है। तो क्या हिन्दू बहूल देश में ऐसी ही गाय कटती रहेगी ?#न्यायपालिका भी चाहती है गाय की रक्षा हो तो आप क्या चाहते हो !
🚩यदि आप हिन्दू हो तो #महात्मा_गांधीजी के इस विचार को पढ़िये उन्होंने कहा था कि ‘जो गाय बचाने के लिए तैयार नहीं है, उसके लिए अपने प्राणों की आहुति नहीं दे सकता, वह हिंदू नहीं है।’ जरा सोचिये हिन्दू गाय की रक्षा नहीं करेगा तो कौन करेगा, #गौमाता किस पर आशा व #विश्वास रखेगी?
🚩अब केंद्र सरकार को जल्द से जल्द गौ हत्या पर #कानून बनाना चाहिए यही #हिन्दुस्तनियों की #मांग है ।
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One thought on “क्या केंद्र सरकार को पुरे भारत में गौ हत्या की बंदिश के लिए क़ानून बनाना चाहिए

  1. HAAN. HAAN. JARUR BANANA CHAHIYE aur WOH BHI ITNA SAKHT KI NAA PUCHO BAAT. KOI BHI INSAAN CHAHE WOH HINDU HO, MUSLIM HO yaa PHIR KISI AUR HI DHARM KAA HO, LEKIN GOU HATYA yaa PHIR US.SW JUDE KOI BHI GHINONE APRADH KE LIYE UAE JAISE SAKHT KANUN BANA NE KI JALDI SE JALDI JARU RAT HAIN. IMPACT KOI MAA KAA JANA, SIRPHIRA AISE APRADH KE BAARE ME SOCHE TO BHI, USKE BAAD MILNE WALI SAJA SE USKI RUHN TAK KANPNE LAGE AISA KANUN BANANE KI MOST IMERGENCY HAIN.

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