Say NO To Valentines Day & Welcome ParentsWorshipDay

��आखिर क्यों दें ‘वेलेंटाइन डे’ को देश निकाला…???

��#भारत में लगभग 15-20 वर्ष पहले #वेलेंटाइन डे प्रारम्भ हुआ था और वर्तमान में पाश्चात्य कल्चर का #अंधानुकरण करनेवाले लोग इसे पूरे एक #सप्ताह तक मनाने लगे हैं ।
��वेलेंटाइन डे जैसी कुप्रथाओं की ही वजह से आज भारत जैसे आध्यात्मिक देश में भी कई लोग #निर्लज्जता, #अश्लीलता, #स्वच्छंदता को #फैशन मानने लगे हैं ।
��वेलेंटाइन डे नाम की यह #दुराचार की महामारी प्रतिवर्ष तेजी से बढ़ती जा रही है । इसके पीछे एक बड़ा कारण है इसका बाजारीकरण ।
��‘#वाणिज्य एवं #उद्योग मंडल’ के एक #सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष २०१५ में वेलेंटाइन डे से जुड़े सप्ताह के दौरान #फूल, #चॉकलेट आदि विभिन्न उपहारों की बिक्री का कारोबार करीब 22,000 करोड़ रुपये तक पहुँच जाने का अनुमान था ।
��वर्ष 2013 एवं 2014 में क्रमशः 15,000व 16,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ ।
��वस्तुतः वेलेंटाइन डे बाजारीकरण और पाशविक वासनापूर्ति को बढ़ावा देनेवाला दिन है ।स्वार्थी तत्त्वों द्वारा इसे बढ़ावा देकर बाल व युवा पीढ़ी को तबाही की ओर धकेला जा रहा है ।
��फूल, चॉकलेट और उपहारों के अलावा गर्भ-निरोधक साधन और दवाइयाँ ब्ल्यू फिल्म एवं अश्लील पुस्तकें यानि पॉर्नोग्राफी, उत्तेजक पॉप म्यूजिक, वायग्रा जैसी कामोत्तेजक दवाइयाँ तथा एड्स जैसे यौन-संक्रमित रोगों की दवाइयाँ बनानेवाली विदेशी कम्पनियाँ अपने आर्थिक लाभ हेतु समाज को चरित्रभ्रष्ट करने के लिए करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही हैं, जिनके शिकार सम्पूर्ण विश्व के लोग हो रहे हैं ।
��वेलेंटाइन डे आदि के द्वारा वे बाल व युवा पीढ़ी के नैतिक, चारित्रिक एवं #सांस्कृतिक मूल्यों को नष्ट करके धन कमाना चाहती हैं ।
��कई विकसित देश #यौन रोगियों, अविवाहित #गर्भवती #किशोरियों, #वृद्धाश्रमों तथा बेघर कर दिये गये वृद्ध मात-पिताओं की बढ़ती संख्या जैसी समस्याओं से ग्रसे जा रहे हैं #अमेरिका में तो #किशोर- #किशोरियों में यौन उच्छृंखलता के चलते प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख किशोरियाँ गर्भवती हो जाती हैं ।
��वर्ष 2013 में #अमेरिका में 15 से 19 साल की किशोरियों ने 2,73,000 शिशुओं को जन्म दिया । अब यह गन्दगी भारत में भी तेजी से फैल रही है।
��कैलिफोर्निया (अमेरिका) के ‘सुसाइड प्रिवेन्शन सर्विस ऑफ द सेंट्रल कोस्ट’ की डायरेक्टर डायैन ब्राइस पिछले 23 सालों से एक ट्रेंड की साक्षी रही हैं, जिसमें वे बताती हैं कि ‘#वेलेंटाइन डे सबसे अधिक आत्महत्याओं की दर वाले समय की शुरुआत अंकित करता है ।’
वेलेंटाइन डे की आड़ में #प्यार के झाँसे में फँसाकर धोखाधड़ी करनेवालों का कारोबार भी जोरों पर रहता है । #लंदन पुलिस (यू.के.) की ‘#नैश्नल फ्रौड इन्टेलिजेंस ब्यूरो’ के आँकड़े बताते हैं कि ‘वर्ष 2014 में #ब्रिटिश जनता ने अपने करीब 34 मिलियन पाउंड प्यार के नाम पर ठगी करनेवालों को खो दिये ।’ यह #आँकड़ा 2013 के मुकाबले 33% और बढ़ हुआ है । इस ‘रोमांस घोटाले’ के शिकार हुए लोगों में से आधे से ज्यादा के जीवन में भौतिक और वित्तीय कुशलता को लेकर गम्भीर भावनात्मक असर पड़ा है ।
��विश्व के कई देशों ने अपनी युवा पीढ़ी को वेलेंटाइन डे की गंदगी से बचाने के लिए कठोर कदम उठाये हैं ।
��गत वर्षों में #मलेशिया, #ईरान, #सउदी अरब, #इंडोनेशिया, रूस के बेल्गोरोद राज्य आदि में वेलेंटाइन डे पर प्रतिबंध लगाया गया था ।
��जापान में युवाओं को वेलेंटाइन डे से दूर रहने की सलाह दी गयी है तथा #दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र में सबसे ज्यादा टीनेज #प्रेग्नेंसी वाले देश थाईलैंड में प्रशासन द्वारा एड्स और टीनेज प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए युवाओं को 14फरवरी को #मंदिरों में जाने की सलाह दी गयी ।
��आज से 10 साल पहले वेलेंटाइन के इस घातक वाइरस के आक्रमण से निपटने के लिए भारत के एक संत शिरोमणि ने बड़ी ही अनूठी मुहिम शुरू की, जो #विश्वभर में अत्यधिक लोकप्रिय और कारागर साबित हुई । यह सफलता लोभ से ग्रस्त विदेशी कम्पनियों और #हिन्दू धर्म के दुश्मनों को रास नहीं आयी । और जैसा कि पिछली अनेक सदियों के, विशेषकर पिछले दशक से हिन्दू #संतों को बदनाम करने का ट्रेंड हम देखते चले आ रहे हैं, उसी श्रृंखला में इस संत के सत्प्रयास को विफल करने और उनके द्वारा किये जा रहे अन्य असंख्य समाज-कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से #अंतर्राष्ट्रीय #षड़यंत्र के तहत उन संत पर फर्जी आरोप थोपकर जेल भेज दिया गया । मीडिया के एक हिस्से को मोहरा बनाकर उनकी जोर-शोर से बदनामी भी की गयी ।
��उस अप्रतिम मुहिम का नाम है #14Feb_मातृ_पितृ_पूजन_दिवस और इसकी शुरुआत करानेवाले है संत आशारामजी बापू ।
��गौरतलब है कि संत #आशारामजी बापू की यह पहल सोशल मीडिया और आम जनता में बहुचर्चित है । सोशल मीडिया की गतिविधियाँ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बापू के जेल जाने के बाद माता-पिता पूजन की इस पहल की लोकप्रियता और भी बढ़ गयी है ।
��उदाहरणत: बापूजी की गिरफ्तारी के ही कुछ महीनों बाद बीबीसी वर्ल्ड ने इस विषय पर ट्विटर हैश टैग छेड़ा और प्रमोशनल विडियो रिलीज किया था ।
वर्ष 2015 में भी इस पर्व का उल्लेख बीबीसी की वेबसाइट पर मिलता है ।
��अन्य अनेक क्षेत्रिय एवं राष्ट्रीय अखबारों में बड़े स्तर पर स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर इस कार्यक्रम के आयोजन की खबरें भी पढ़ने में आयी हैं ।
��हो ये रहा है कि जिज्ञासावश लोग ताक-झाँक करके देख रहे हैं कि ये बापूवाले लोग क्या कर रहे हैं और जब वहाँ  सांस्कृतिक परम्पराओं से विशुद्ध प्रेम के प्रवाह को पाते हैं तो हैरान रह जाते हैं कि जिन बापूजी ने समाज उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया उनके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हो रहा है ..???
��सारांश, संत आशारामजी बापू का #14Feb_मातृ_पितृ_पूजन_दिवस आज भी वेलेंटाइन डे के कुप्रभावों से देशवासियों को बचाने में सफल हो रहा है ।
��संत आशाराम बापू ने 14 फरवरी को ‘माता-पिता पूजन दिवस’ मनाने के विश्वव्यापी अभियान का जब शंखनाद किया, तो इससे त्वरित ही विभिन्न मत, पंथ, सम्प्रदाय आदि का व्यापक समर्थन और प्रशंसा उन्हें मिली ।
��आज वेलेंटाइन डे जैसी महामारी को अगर देश से अलविदा करना है तो आशाराम बापू जैसे पवित्र संत को समाज के बीच फिर से लाना होगा ।
��आज हर भारतवासी को संकल्प लेना होगा कि आनेवाली १४ फरवरी को वह अपने माता-पिता का पूजन करके ‘माता-पिता पूजन दिवस’ जैसे संस्कृति-रक्षक पर्व मनायेगा एवं औरों को मनाने की प्रेरणा देगा ।
हम सरकार से भी माँग करते है क़ि #14Feb_मातृ_पितृ_पूजन_दिवस को
‘राष्ट्रीय पर्व’ के रूप में घोषित करें।
हमारी संस्कृति हमारी धरोहर…!!!
��देखिये वीडियो��
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��Official Jago hindustani Visit
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����जागो हिन्दुस्तानी����
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