आओ ऐसा प्रेम दिवस मनाएँ !

��आओ ऐसा प्रेम दिवस मनाएँ !

जिसमें सच्चा विकास हो !!
काम बदले राम में और !
मंगल स्नेह की बरसात हो !!
��कुछ साल पहले जब हम लोगों से कोई  पूछता कि भारत का सबसे लम्बा
त्यौहार कौन सा है तो हम कहते
“दीपावली” क्यूंकि 5 दिनों तक #दीपावली की धूम होती है ।
��लेकिन पिछले कुछ वर्षों से एक नए त्यौहार ने जन्म लिया है जो दीपावली से भी 3 गुना लम्बा है । 7 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलने वालात्यौहार।  जिसका नाम है #वैलेंटाइन डे “#Valentine’s Day” ।
��पहले यह सिर्फ एक दिन था फिर एक सप्ताह और अब आधा महीना यानि 15 दिन तक चलता रहता है।
��यह एक ऐसा त्यौहार है जो प्रेम के नाम पर लूट और वासना की अपसंस्कृति को
बढ़ावा दे रहा है।

jago hindustani

jago hindustani

��यह एक ऐसा त्यौहार है जिसे समाज के हित चिंतकों ने नहीं बल्कि आर्थिक जगत के विशेषज्ञों ने बनाया है।
��यह एक ऐसा त्यौहार है जो मन की वासनाओं को प्रेम का जामा पहनाकर सच्चे प्रेम को बदनाम कर रहा है ।
��क्या आपको पता है इन दिनों में (contraceptive
pills ) गर्भपात गोलियों की बिक्री 3 गुना बढ़ जाती है। जी हाँ ! शायद आपको अजीब लगे लेकिन
ये बाज़ार के आंकड़े हैं।
��पाश्चत्य सभ्यता द्वारा वैलेंटाइन डे को हमारे समाज पर थोप दिया गया है
जिसका टार्गेट रहा है भारत का युवावर्ग।

��किसी भी देश की #रीढ़ की #हड्डी वहाँ का युवावर्ग होता है। इसलिए #भारत को #गुलाम बनाना है तो #संयमी #युवानों को #चरित्रहीन बनाओ।

��आज बहुत सारे #रेस्टौरेंट, #होटल वाले
वैलेंटाइन डे पर #function
करवाते हैं।
मजे की बात ये है कि इस दिन जब
लड़के रेस्टौरेंट में कुछ खाने का ऑर्डर
करते हैं तो #change को बतौर टिप के रूप में छोड़ देते हैं।

��जैसे कि 200 रुपये का पिज्जा
“valentine couple special”
के नाम पर 350 रुपये में खरीदे।
और 500 रुपए का नोट दे कर बचे
150 रुपए वेटर को टिप दे दिये
ताकि #गर्लफ्रेंड और अधिक इम्प्रेस
हो जाए।

��जी हाँ ! अजीब लगता है सुन कर लेकिन यह हो रहा है हमारे समाज में।
��सोचिए हमारे युवान किस तरह मूर्खता में
#पैसे फूँक रहे है। #वैलेंटाइन डे पर होने वाला खर्चा घर के बड़ों से छुपकर होता है और मजे की बात देखिये कि ये तथाकथित प्रेमी जोड़े हर साल किसी नए के साथ जोड़े के तौर पर दिखते हैं और इसे ये लोग सच्चे प्रेम का नाम दे देते हैं।
��वैलेंटाइन डे #प्रेमदिवस
नहीं बल्कि वासना दिवस है। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है क़ि मार्च का महीना बनता है pregnancy test का महीना।
��क्या यहीं है असली प्रेम दिवस…???

��आप अपने ही घर के# बुजुर्गों से पूछिये। अगर वो ऐसा चरित्रहीन प्रेम दिवस मनाने की स्वीकृति दे तो जरूर मनाइये। लेकिन ये सम्भव ही नही है। क्योंकि सभी माता पिता अपने बच्चे को चरित्र हीन नही बल्कि तेजस्वी ओजस्वी देखना चाहते है।

��वैलेंटाइन डे के नाम पर विनाशकारी प्रवृतियों का विकास कर विनाश दिवस की जगह आओ मिलकर अपनी संस्कृति अपनाएं और #14 फ़रवरी_मातृ_पितृ_पूजन दिवस मनाएं ।

��जब हम पैदा हुए कितने थे मजबूर ।
माँबाप के बिना सबकुछ सोच से था दूर ।
ऐसे अपने माता-पिता के अगणित उपकारों को याद करते हुए सच्चा प्रेम दिवस मनाएं जिसका अनुकरण कर विश्व सदभागी हो जाए ।
��भारत सदा से पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत रहा है तो विदेशों की गन्दगी से अपनी भावी पीढ़ी को बचाते हुए ऐसा कुछ दे विश्व मानव को, जो सदा सदा के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो जाये।
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