ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं

ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं
जून 23, 2017
विश्रामपुर
(झारखंड) : भूत प्रेत से शांति दिलाने के नाम पर ईसाई मिशनरियां दलित
पिछड़े वर्ग एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का जोरशोर से काम कर रही हैं
। पिछले दिनों राज्यस्तरीय पार्टी कार्यकर्ता की बैठक में धर्मांतरण पर
सक्त कानून बनाने की बात मुख्यमंत्री #रघुवर दास की ओर से कही गई थी। परंतु
इसका कोई प्रभाव लोगों पर नहीं पड़ा । धर्मांतरण का खेल चरम सीमा पर है।
कुछ बिचौलिये भोले भाले गरीब परिवार को लालच देकर अपने लक्ष्य में सफल हो
रहे हैं। इसमें विश्रामपुर व नावा बाजार थाना क्षेत्र भी इसमें पीछे नहीं
है।
conversion
थाना
क्षेत्र के #उमेश चौधरी, #सुगेंद्र उरांव, #विजय राम व तोलरा गांव से
#गणेश उरांव, #चतुगुण उरांव जैसे दर्जनों लोगों ने बातचीत के क्रम में
स्वीकार किया है कि धर्मांतरण के बाद उन्हें भूत प्रेत से शांति मिली है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा गांव निवासी बिशुनदेव भुइयां ने बताया
कि, उनकी पत्नी का दो बार गर्भपात हो गया था। पुत्र प्राप्ति के मोह में
ईसाई धर्म स्वीकार करने को कहा गया है और वे धर्मांतरित भी हो गए ।
#धर्मांतरण
करने वाले कुछ लोग शहर में किराए के मकान में रहते हैं। साथ हीं अपने आप
को ऊंची जाति का हवाला देकर कहते हैं कि, हमने ईसाई धर्म अपना लिया है तो
तुम दलित पिछड़े लोग अपनाने से क्यों परहेज कर रहे हो..??
इसमें कोई पाप नहीं। लोगों को बताया जाता है कि प्रभु यीशु
से तुम्हारा सम्पर्क होगा । घर में सुख शांति आएगी। सभी प्रकार के दर्द
पीड़ाएँ दूर होंगी । इसके साथ साथ लोगों को कहा जाता है कि ईसाई धर्म ही बड़ा
धर्म है।
तुकबेरा
गांव के एक भुईयां परिवार ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक विडियो में स्वीकार
किया है कि ईसाई धर्म अपनाने से दर्द पीड़ाएं भूत- प्रेतो से शांति मिलती
है। चर्च में गरीबों को मुर्गा भात खिलाकर उन्हे धर्म परिवर्तन कराया जा
रहा है। राजहारा कोठी निवासी सुमंत साव के पूरा परिवार ने इसलिए हिन्दू
धर्म त्याग कर दिया कि भूत प्रेत से शांति चाहिए थी। जो ईसाई धर्म अपनाने
से मिली। जब ईसाई धर्मांतरण से दर्द पीड़ा व भूत-प्रेत से शांति मिलती है तो
सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर किया जा रहा करोडो़ का खर्चा बेमानी है।
इस
क्षेत्र में #धर्मांतरण कर ईसाई बनाने का खेल वर्षों से चल रहा है। परंतु
तीन वर्षों से क्षेत्रों में धर्मांतरण का कार्य हावी है। इससे पूर्व ईसाई
बने लोग मेदिनीनगर जाकर रविवार को प्रार्थना करते थे। बढ़ती संख्या को देखते
हुए धर्म के दलाल स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि से संपर्क स्थापित किए। जिसने
लालच में आकर प्रत्येक रविवार को सार्वजनिक जगहों पर प्रार्थना की अनुमति
दे दी। पिछले साल 2015 में गांव में एक विशाल गिरजाघर बना दिया गया। जहां
प्रत्येक रविवार को प्रार्थना कराई जाती है। साथ ही बाहर से आने वाले फादर
या पास्टर अंधविश्वास से जकडे़ लोगों को धर्म अपनाने के बाद मुक्त होने की
बात कहते हैं। जिसके बहकावे में लोग आ रहे हैं।
#धर्मांतरण के विरुद्ध #कार्रवाई की मांग
प्रखंड
के #अनुसूचित जाति, जन जाति व पिछड़ी जाति के लगभग तीन सौ लोगों ने
धर्मातरण कर लिया है। इसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने की
है। इनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों ने आदिम
जनजाति,अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों
को विदेशी धन के बल पर प्रलोभन देकर धर्मांतरित करने का अभियान चलाया है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहारा कोठी, तुकबेरा, छतवा इसका प्रत्यक्ष
प्रमाण है।
उन्होंने
कहा कि राज्य के कई जिलों में एक रणनीति के तहत भोले-भाले लोगों को
#शिक्षा एवं #स्वास्थ्य सेवा की आड़ में चंगाई करिश्मा दिखाकर #धर्मातरित
किया जा रहा है। इसके कारण गांवों का समीकरण बदल गया है। राजहारा जैसे
हिन्दू बहुल गांव में चर्च बन गए। प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। धर्मातरण से
संबंधित संस्था या व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही।
नावा
बाजार के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक चौपडा ने कहा कि, भूत प्रेत जैसे
अंधविश्वास के नाम पर झूठे भ्रम फैलानेवाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की
जाएगी। क्षेत्र में धर्मांतरण की जानकारी नहीं मिली है। संज्ञान में आने पर
कानूनी कार्रवाई की जायेगी। स्थानीय लोगों से इसकी समुचित जानकारी ली जा
रही है।
 स्त्रोत : जागरण
विदेश
के फिलॉसफर #नित्शे ने बताया कि मैं ईसाई धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ,
उसमें आंतरिक #विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है ।
इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । #ईसाईत गुलाम, क्षुद्र और #चांडाल का पंथ
है ।
 #एच.जी.वेल्स ने भी लिखा था कि दुनिया की सबसे बड़ी बुराई है रोमन #कैथोलिक चर्च ।
#डॉ.
एनी बेसेन्ट लिखते हैं कि मैंने 40 वर्षों तक विश्व के सभी बड़े धर्मो का
अध्ययन करके पाया कि हिन्दू धर्म के समान पूर्ण, महान और वैज्ञानिक धर्म
कोई नहीं है ।
2017
साल पुराना, गौ मांस खाने वाला, शराब पीने वाला, छोटे-छोटे बच्चों के साथ
कुकर्म करने वाला ईसाई धर्म बड़ा है या सबको सुखी स्वस्थ और सम्मानित जीवन
जीने देने वाला सनातन धर्म बड़ा???
आपको
बता दें कि अक्टूबर 2016 को #झारखंड के मुख्यमंत्री #रघुवर दास ने कहा था
कि कुछ लोग हमारी हिन्दू संस्कृति और परंपरा को नष्ट करने का प्रयास कर रहे
हैं । लालच या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध है ।
मुख्यमंत्री
ने लोगों को कहा कि हिन्दू धर्म और #सनातन #संस्कृति पर चोट या आंच
पहुंचाने की कोशिश करने वालों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करो ।
पूरी
दुनिया मानती है कि #हिन्दू #धर्म सबसे श्रेष्ठ है और जो उनको ही लालच
देकर धर्मान्तरण करवा रहे हैं उनकी तो जेल में ही जगह होनी चाहिये ।
ये मुख्यमंत्री जी ने बिलकुल सही कहा है ।
जैसा
कि हमने पहले भी बताया है कि रोमन #केथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है जिसे
वेटिकन सिटी बोलते हैं । अपने धर्म (ईसाई) के प्रचार के लिए वे हर साल
करीब​ 17 हजार करोड़ डॉलर खर्च करते हैं ।
वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नहीं है कि उनके कितने व्यापार चलते हैं ।
रोम शहर में 33% #इलेक्ट्रॉनिक , प्लास्टिक, #एयर लाइन, #केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ में हैं ।
दुनिया में सबसे बड़े #Shares​ वेटिकन के पास हैं ।
इटालियन #बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बैंकों में उनकी बड़ी भारी deposit है ।
ज्यादा जानकारी के लिए पुस्तक #VATICANEMPIRE पढ़े !!
आपको
बता दें कि ईसाई पादरी छोटे #बच्चे- बच्चियों के साथ #दुष्कर्म करते हैं
लेकिन उनके खिलाफ #मीडिया कुछ नही बोलती बल्कि उनका पक्ष लेती है क्योंकि
90% मीडिया ईसाई मिशनरियों के फंड से चलती है ।
लेकिन
जब कोई हिन्दू साधु-संत या हिन्दू संगठन या सरकार भोले-भाले #हिन्दुओं को
#पैसा, #दवाई, कपड़े आदि देकर धर्मान्तरण के खिलाफ मुहिम चलाते हैं तो
देशद्रोही और बिकाऊ मीडिया उनके खिलाफ देश में एक माहौल बनाकर उनकी छवि को
धूमिल कर देते हैं ।
ईसाई
धर्मान्तरण पर रोक लगाने और हिंदुओं की घरवापसी कराने वाले #जयेन्द्र
सरस्वती, संत #आसारामजी बापू, स्वामी असीमानन्द जैसे अनेक हिन्दू संतों को
जेल भेज दिया गया और स्वामी #लक्ष्मणानन्द जी की तो हत्या करवा दी गई । ऐसे
जो भी धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज उठाता है उनको जेल भेज दिया जाता है या तो
हत्या करवा दी जाती है ।
ये देश में बहुत बड़ा #षडयंत्र चल रहा है । हिन्दुओं का दिन-रात धर्मान्तरण करवा रहे हैं ।
#केंद्र_सरकार
को आगे आना चाहिये और #धर्मान्तरण के खिलाफ कानून पारित कर देना चाहिए और
जो भी धर्मान्तरण करता हुआ पाया जाये उसको आजीवन जेल भेज देना चाहिए जिससे
#धर्म #सुरक्षित हो, देश सुरक्षित हो ।
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दस साल बाद सामने आया ‘समझौता ब्लास्ट’ का सच

🚩 दस साल बाद सामने आया ‘समझौता ब्लास्ट’ का सच, पाकिस्तानी को बचाया, हिंदुस्तानी को फंसाया
जून, 22, 2017
p chidambaram samjhauta express blast
🚩नई
दिल्ली: #समझौता ब्लास्ट केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है। समझौता ब्लास्ट
केस को बहाना बनाकर हिन्दू #आतंकवाद का जुमला इजाद किया गया। पाकिस्तानियों
को बचाने के लिए और हिन्दुस्तानियों को फंसाने के लिए 2007 में हुए
#समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट का इस्तेमाल किया गया। इस केस में पाकिस्तानी
#आतंकवादी पकड़ा गया था, उसने अपना गुनाह भी कबूल किया था लेकिन महज 14
दिनों में उसे चुपचाप छोड़ दिया। इसके बाद इस केस में #स्वामी असीमानंद जी
को  फंसाया गया ताकि भगवा आतंकवाद या हिन्दू आतंकवाद को अमली जामा पहनाया
जा सके।
🚩#समझौता केस के जांच अधिकारी का खुलासा :
🚩हादसा
10 साल पुराना है लेकिन ये खुलासा सिर्फ बारह दिन पहले हुआ, जब जांच
अधिकारी ने अदालत में अपना बयान दर्ज करवाया। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि
पाकिस्तानी #आतंकवादी को छोड़ने का आदेश देने वाला कौन था?
🚩किसने पाकिस्तानी आतंकवादी को छोड़ने के लिए कहा, वो कौन है जिसके दिमाग में भगवा आतंकवाद का खतरनाक आइडिया आया…
🚩18
फरवरी 2007 को #समझौता एक्सप्रैस में ब्लास्ट हुआ था इसमें 68 लोग मारे
गए। दस साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अबतक आखिरी फैसला नहीं आया है। इस
केस में दो पाकिस्तानी संदिग्ध पकड़े गए, इनमें से एक ने गुनाह कबूल किया
लेकिन पुलिस ने सिर्फ 14 दिन में जांच पूरी करके उसे बेगुनाह करार दिया।
अदालत में पाकिस्तानी संदिग्ध को केस से बरी करने की अपील की गई और अदालत
ने पुलिस की बात पर यकीन किया और पाकिस्तानी संदिग्ध आजाद हो गया। फिर कहां
गया ये किसी को नहीं मालूम….क्या ये सब इत्तेफाक था या फिर एक बड़ी
राजनीतिक साजिश थी?
🚩इस
केस से जुड़े #डॉक्युमेंट्स सामने आए हैं जिसे देखने के बाद कोई भी सोचने
पर मजबूर हो जाये कि उस समय की सरकार को #2 पाकिस्तानी संदिग्ध को छोड़ने
की इतनी जल्दी क्यों थी ?
फिर अचानक इस केस में हिन्दू आतंकवाद कैसे आ गया?
🚩इस
केस के पहले इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर थे इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह जो कि अब
रिटायर हो चुके हैं। गुरदीप सिंह ने 9 जून को कोर्ट में अपना बयान रिकॉर्ड
करवाया है।
🚩इस
बयान में इंस्पेक्टर #गुरदीप ने कहा है, ‘ये सही है कि समझौता ब्लॉस्ट में
पाकिस्तानी अजमत अली को गिरफ्तार किया गया था। वो बिना पासपोर्ट के, बिना
लीगल ट्रैवल डाक्यूमेंटस के भारत आया था। दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई
शहरों में घूमा था। मैंने अपने सीनियर अधिकारियों, सुपिरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस
#भारती अरोड़ा और डीआईजी के निर्देश के मुताबिक #अजमत अली को कोर्ट से बरी
करवाया।
🚩इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर ने कोर्ट को जो बयान दिया वो काफी हैरान करने वाला है
‘ऊपर से आदेश आया, पाकिस्तानी संदिग्ध छोड़ा गया’
पुलिस
अधिकारी ऐसा तभी करते हैं जब उन पर ऊपर से दवाब आता है। आखिर इतने सीनियर
अधिकारियों को पाकिस्तानी संदिग्ध को छोड़ने के लिए किसने दबाव बनाया?
एक ब्लास्ट केस में सिर्फ 14 दिन में पुलिस ने ये कैसे तय कर लिया कि आरोपी बेगुनाह है और उसे छोड़ देना चाहिए?
🚩#अजमत अली है कौन?
🚩कोर्ट
में जमा डॉक्युमेंट्स के मुताबिक अजमत अली पाकिस्तानी नागरिक था। उसे भारत
में अटारी बॉर्डर के पास से GRP ने अरेस्ट किया था। उसके पास न तो
पासपोर्ट था, न वीजा था और ना ही कोई लीगल डॉक्यूमेंट। इस शख्स ने पूछताछ
में कबूल किया कि वो पाकिस्तानी है और उसके पिता का नाम मेहम्मद शरीफ है।
उसने अपने घर का पता बताया था- हाउस नंबर 24, गली नंबर 51, हमाम स्ट्रीट
जिला लाहौर, पाकिस्तान।
🚩सबसे
बड़ी बात ये है कि ब्लास्ट के बाद दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बम रखने वाले
का जो हुलिया बताया था वो #अजमत अली से मिलता जुलता था। प्रत्यक्षदर्शी के
बताने पर स्केच तैयार किए गए थे, और उस स्केच के आधार पर ही अजमत अली और
#मोहम्मद उस्मान को इस केस में आरोपी बनाया गया था। #इंस्पेक्टर गुरदीप ने
भी 12 दिन पहले कोर्ट को जो बयान दिया था उसमें कहा है कि ट्रेन में सफर कर
रहीं शौकत अली और रुखसाना के बताए हुलिए के आधार पर दोनों आरोपियों के
स्केच बनाए गए थे।
🚩समझौता
ब्लास्ट 18 फरवरी 2007 को हुआ था। पुलिस ने $अजमत अली को एक मार्च 2007 को
अटारी बॉर्डर के पास से बिना लीगल डॉक्युमेंट्स के गिरफ्तार किया था। उस
वक्त वो पाकिस्तान वापस लौटने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद अजमत
अली को अमृतसर की सेंट्रल जेल में भेजा गया। वहीं से समझौता ब्लास्ट की
जांच टीम को बताया गया था कि समझौता ब्लास्ट के जिन संदिग्धों के उन्होंने
स्केच जारी किए हैं उनमें से एक का चेहरा अजमत अली से मिलता है। इसके बाद
लोकल पुलिस ने अजमत अली को कोर्ट में समझौता पुलिस की जांच टीम को हैंडओवर
कर दिया।
🚩जांच
टीम ने 6 मार्च 2007 को कोर्ट से अजमत अली की 14 दिन की रिमांड मांगी। जो
ऐप्लिकेशन पुलिस ने कोर्ट में जमा की थी, इस एप्लिकेशन में जांच अधिकारी ने
साफ साफ लिखा है कि समझौता ब्लास्ट मामले में गवाहों की याददाश्त के
मुताबिक संदिग्धों के स्केचेज बनाकर टीवी और अखबारों को जारी किए गए थे।
#अटारी जीआरपी ने इस स्केच से मिलते जुलते संदिग्ध अजमत अली को गिरफ्तार
किया। इसने पूछताछ में बताया कि वो तीन नवंबर 2006 को #बिना पासपोर्ट और
वीजा के भारत आया था। इसी आधार पर कोर्ट ने अजमत अली को 14 दिन की पुलिस
रिमांड में भेज दिया था।
🚩अबतक
की कहानी साफ है समझौता ट्रेन में ब्लास्ट हुआ, इस ब्लास्ट के दो
आईविटनेसेज ने ट्रेन में बम रखने वालों का हुलिया बताया, उसके आधार पर दो
लोगों के स्केच बने, उन्हें अटारी रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर
पूछताछ करने के बाद समझौता ब्लास्ट की जांच कर रही टीम को सौंप दिया। इस
टीम ने भी उसका चेहरा स्केच से मिला कर देखा, चेहरा मिलता जुलता दिखा, तो
उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने इसे 14 दिन की पुलिस
रिमांड में भेज दिया। 14 दिन की पुलिस #रिमांड में पूछताछ हुई।
🚩पूछताछ
और जांच के बाद उम्मीद थी कि कुछ कंक्रीट निकल कर सामने आएगा लेकिन 14 दिन
बाद, 20 मार्च को जब पुलिस ने दोबारा अजमत अली को कोर्ट में पेश किया तब
उम्मीद थी कि पुलिस दोबारा उसका रिमांड मांगेगी, लेकिन हुआ उल्टा। पुलिस ने
कोर्ट को बताया कि उनकी जांच पूरी हो गयी है, #अजमत अली के खिलाफ कोई ठोस
#सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उसे इस केस से #डिस्चार्ज कर दिया जाए। कोर्ट
ने पुलिस की दलील पर भरोसा किया और कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि अजमत
अली की रिहाई की अर्जी पुलिस ने ये कहते हुए दी है कि मौजूदा केस की जांच
में इसकी कोई जरूरत नहीं है। जब जांच टीम ने ही ये कह दिया तो कोर्ट ने
अजमत अली को रिहा कर दिया।
🚩करनाल
में इंडिया टीवी रिपोर्टर #चंदर किशोर को गुरदीप सिंह ने बताया कि शुरुआती
जांच के बाद ही अजमत को छोड़ दिया गया था। उन बड़े अफसरों के बारे में भी
बताया जो इस टीम का हिस्सा थे जिन्होंने इस केस की जांच की और पाकिस्तानी
नागरिक को छोड़ा ।
🚩अब
यहां एक बड़ा सवाल तो यह है कि इतने सारे शहरों में पुलिस ने जांच सिर्फ
14 दिन में कैसे पूरी कर ली। अजमत अली का न तो नार्को टेस्ट हुआ, न ही
पोलीग्राफी टेस्ट किया गया। सिर्फ 14 दिन की पूछताछ के बाद पुलिस ने ये मान
लिया कि समझौता ब्लास्ट में अजमत अली का हाथ नहीं है…ये शक को पैदा करता
है।
🚩अजमत
अली को छोड़ देना तो एक बड़ा ट्विस्ट था लेकिन इससे भी बड़ा ट्विस्ट इस
केस की शुरुआती जांच में आया था। शुरुआत में उस वक्त की #कांग्रेस सरकार ने
कहा था कि #समझौता ब्लास्ट के पीछे #लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है लेकिन जांच
बढ़ने के कुछ ही दिन बाद इस केस में भगवा आतंकवाद का नाम आया।
🚩इस केस में शुरुआत में जांच में जल्दी-जल्दी ट्विस्ट आए इसपर हमारे कुछ सवाल हैं…
🚩क्या
एक पाकिस्तानी नागरिक जो बम धमाके का आरोपी हो उसे इतनी आसानी से छोड़ा जा
सकता है? अक्सर छोटे क्राइम में भी पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक की जांच
में भी ऐसी जल्दीबाजी नहीं होती उससे पूछताछ होती है, उसकी बातों को
वैरीफाई किया जाता है लेकिन समझौता ब्लास्ट के केस में अजमत अली को तुरंत
छोड़ दिया गया।
🚩आखिर
सरकार की तरफ से अजमत को छोड़ने की ऐसी जल्दबाजी क्यों की गयी? क्या पुलिस
को अजमत अली का नार्को या पोलीग्राफी टेस्ट करके सच निकलवाने की कोशिश
नहीं करनी चाहिए थी? पहले जब इंटेलिजेंस और जांच एजेंसियों ने इस धमाके को
लश्कर का मॉड्यूल बताया तो फिर एकाएक इसे हिंदू टेरर का नाम कैसे दिया गया?
🚩हम
आपको बताते है कि हिंदू टेरर का नाम कैसे आया, इसका जवाब भी पुलिस
अधिकारियों की एक मीटिंग की नोटिंग में मिला। 21 जुलाई 2010 को बंद कमरे
में कुछ अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में ये तय हुआ था कि
हरियाणा पुलिस द्वारा समझौता एक्सप्रैस ब्लास्ट की जांच किसी नतीजे पर नहीं
पहुंच पा रही है इसलिए इसे नेशनल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी को सौंप देना
चाहिए। इसी मीटिंग में ये बात भी हुई थी कि इस केस की जांच हिंदू ग्रुप के
इन्वॉल्वमेंट पर भी होना चाहिए। नोटिंग में लिखा है कि एसएस (आईएस) को याद
होगा, उनके चेंबर में इस बात पर डिस्कशन हुआ था, कि इसकी जांच हिंदू ग्रुप
के ब्लास्ट में शामिल होने की संभावना पर भी होनी चाहिए।
🚩पुलिस की नोटिंग से सवाल ये उठता है कि  किसके कहने पर हिंदू टेरर ग्रुप का नाम इस धमाके से जोड़ने का आइडिया आया?
बंद
कमरे में वो कौन-कौन ऑफिसर थे जिन्होंने इस धमाके को हिन्दू टेरर का एंगल
देने की कोशिश की? इन अफसरों के नाम सामने आना जरूरी हैं, उनसे पूछताछ
होगी, तभी पता चलेगा कि उनपर किसका दबाव था?
🚩बीजेपी
नेता #सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि ये देश के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ #हिंदू आतंकवाद का नाम देने के लिए ये पूरी #साजिश
रची गयी थी।
🚩आपको
बता दें कि तत्कालीन #गृह मंत्री #सुशील कुमार शिंदे ने AICC की मीटिंग
में भगवा #आतंकवाद की बात करके सबको चौंका दिया था बाद में #पी चिदंबरम ने
और #दिग्विजय सिंह ने बार-बार बीजेपी को बैकफुट पर लाने के लिए इस जुमले का
इस्तेमाल किया।
🚩समझौता
ब्लास्ट के केस में जिस तरह से पहले लश्कर ए तैयबा का नाम आया फिर उस वक्त
की सरकार ने पाकिस्तानियों को छोड़ दिया और स्वामी असीमानंद को आरोपी
बनाकर इस केस को पूरी तरह से पलट दिया….इसके पीछे एक सोची समझी साजिश थी।
🚩अब
ये साफ है कि भगवा आतंकवाद का जुमला क्वाइन करने के लिए, हिन्दू आतंकवाद
का हब्बा खड़ा करने के लिए इस केस में पाकिस्तानियों को बचाया गया और
हिन्दुस्तानियों को फंसाया गया।
🚩अब सवाल सिर्फ इतना है कि इस साजिश के पीछे किसका शातिर दिमाग था ??
क्या पी चिदंबरम, दिग्विजय सिंह या सुशील कुमार शिन्दे में से कोई इस साजिश में शामिल था…..ये सच बाहर आना जरूरी है।
🚩स्त्रोत्र:इंडिया टीवी
🚩आपको
बता दें कि जॉइंट #इंटेलीजेंसी कमेटी के पूर्व प्रमुख और पूर्व
उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. एस.डी. प्रधान ने देश में भगवा आतंक की
थ्योरी को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
🚩उन्होंने
भी स्पष्ट बताया है कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, मालेगाँव ब्लास्ट,
#इशरतजहाँ मामला का पहले से ही हमें पता था और अमेरिकन खुफिया विभाग ने भी
बताया था कि ये सब घटनाएं होने वाली थी और ये पाकिस्तान करवा रहा है और
हमने तात्कालीन #गृहमंत्री पी.चिदंबरम को बताया भी था लेकिन उन्होंने
राजनैतिक फायदे के लिए भगवा #आतंकवाद सिद्ध करने के लिए #डी.जी.वंजारा,
साध्वी प्रज्ञा, स्वामी #असीमानन्द, #शंकराचार्य अमृतानन्दजी, कर्नल
पुरोहित और बाद में दूसरे फर्जी केस बनाकर  हिन्दू संत आसारामजी बापू और
उनके बेटे को जेल भेजा गया था ।
 🚩जब
साध्वी प्रज्ञा जमानत पर बाहर आई तो कहा कि कांग्रेस के तात्कालीन
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने भगवा आतंकवाद की परिभाषा गढ़ी थी और मुझे फंसाने
की साजिश की थी लेकिन कोर्ट में इतना तो साबित हो गया कि कोई भगवा आतंकवाद
नहीं होता ।
🚩आज
भी #कांग्रेस सरकार द्वारा रचे गए #षडयंत्र के तहत कई #हिन्दू साधु-संत
जेल में बंद है लेकिन अब #हिंदुत्ववादी कहलाने वाली #BJP सरकार कैसे
हिंदुओं के माप-दण्ड पर खरी उतरती है , ये देखना है ।
🚩कब #निर्दोष संतों की जल्द से जल्द सह-सम्मान रिहाई करवाती है उसी पर सभी #हिंदुओं की निगाहें टिकी है ।
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सर्व प्रांतों में एक ही अड़चन है कि, हिन्दू बिखरे हुए हैं : विधायक टी. राजासिंह

🚩 *सर्व प्रांतों में एक ही अड़चन है कि, हिन्दू  बिखरे हुए हैं : विधायक टी. राजासिंह*
जून, 21, 2017
🚩गोवा
: तेलंगाना राज्य के #गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक #श्री. टी.
राजासिंह ने #षष्ठ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के तृतीय दिन संबोधित करते
हुए कहा कि लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’, ऐसा कहने के दिन अब
नहीं रहे । #राममंदिर के निर्माण के लिए #हिन्दू-संगठन आवश्यक है । राजकीय,
प्रशासकीय आदि किसी भी सहायता के बिना करोडों हिन्दुआें के संगठन से ही
#अयोध्या में #राममंदिर का निर्माण होगा ।
T raja singh

 

🚩#टी.
राजासिंह ने आगे कहा, ‘‘सर्व प्रांतों में एक ही अड़चन है कि, हिन्दू
बिखरे हुए हैं । हिन्दू-संगठन में बडी शक्ति है । हिन्दू संगठित होने के
कारण ही पिछले 5 वर्षों से भाग्यनगर में एक भी गाय की हत्या नहीं हुई है ।
अब हम बैलों की भी हत्या न हो, इसके लिए प्रयत्न कर रहे हैं । इसलिए
हिन्दुआें को संगठित होना चाहिए । अभी आप हिन्दुत्व का कार्य करने के लिए
स्वतंत्र हैं; पर जब आप राजनीति में प्रवेश करते हैं, तब हिन्दुत्व का
कार्य करने में अनेक बंधन आते हैं । ‘हिन्दुआें का सर्वनाश करनेवाले अन्य
पंथियों के विरुद्ध न बोलें’, #‘राममंदिर, #गोरक्षा इस विषय में न बोलें’,
#‘वन्दे मातरम’ न बोलनेवालों के विरोध में कुछ न बोलें’, ऐसी अनेक सूचनाएं
‘ऊपर’ से आने लगती हैं । कुछ लोग जब सत्ता में नहीं होते, तब राममंदिर और
गोरक्षा का स्मरण होता है, सत्ता मिलने पर सब भूल जाते हैं ।
🚩ऐसे लोग क्या #राममंदिर की स्थापना कर पाएंगे ?
जिस राजनीति में राममंदिर बनाने के विषय में  बोला भी नहीं जाता, उस राजनीति का क्या लाभ ?
 🚩राजनीति
में आने से पहले  10 बार सोचिए । उससे अच्छा है बडी मात्रा में
हिन्दूसंगठन कीजिए । इससे मतों की राजनीति करनेवाला प्रत्येक नेता स्वयं
आपके पास आकर आपसे समर्थन मांगेगा ।
🚩विधायक #श्री. टी. राजासिंहजी ने कथनानुसार  राजनीति में रहकर कार्य करने के कुछ कटु अनुभव
🚩इस
समय #श्री. टी. राजासिंह ने राजनीति में रहकर $हिन्दुत्वरक्षा के लिए किए
साहसी कार्य और उसका पक्षांतर्गत हुआ विरोध, इस विषय में आर्तता ने
निम्नलिखित अनुभव बताए ।
🚩1.
#केरल में रा.स्व. संघ के कार्यकर्ताआें और #हिन्दुत्वनिष्ठों की #हत्या
हो रही है । केरल के मुख्यमंत्री की एक बडी सभा का आयोजन मेरे निर्वाचन
क्षेत्र में किया था । हमने पुलिस से कहा, ‘‘केरल के मुख्यमंत्री के
सभास्थल के निकट मेरा भी व्यासपीठ होगा । वहां से हम गोरक्षा के विषय में
बोलेंगे । इसके लिए हमें अनुमति दो ।’’ मुख्यमंत्री की सभा का प्रचार हो
चुका था । हमने भी सामाजिक प्रसारमाध्यमों मेें प्रचार किया । परिणाम
स्वरूप कानून-व्यवस्था का प्रश्‍न उत्पन्न न हो; इसके लिए मुख्यमंत्री की
सभा वहां से निरस्त की गई । तदुपरांत पक्ष ने मुझसे पूछा, ‘‘मुख्यमंत्री की
सभा निरस्त करने का अधिकार आपको किसने दिया ?’’ हमने कहा, ‘‘वर्ष 1939 में
रा.स्व. संघ के कार्यकर्ता की हत्या के आरोपी मुख्यमंत्री की सभा मैं अपने
निर्वाचन क्षेत्र में नहीं होने दूंगा ।’’
🚩2.
अच्छा कार्य करने पर लोग ध्यान में रखते हैं । मुझे अनेक क्रांतिकारियों
का स्मरण होता है । उन्होंने धर्म के लिए बहुत कार्य किये हैं । हम सब
भाग्यवान हैं । हम अखंड #हिन्दू राष्ट्र के लिए लड़ रहे हैं । भगवान ने
हमारे लिए यह कार्य लिखा है । हमें #छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे बनना है ।
उसके लिए संगठित होना चाहिए ।
🚩3. #तेलंगाना सरकार द्वारा किया जा रहा #धर्मांधों का तुष्टीकरण !
अभी
#रमजान का महीना चल रहा है । तेलंगाना सरकार ने रमजान के लिए 8 करोड़ रुपए
का अनुदान दिया है । #नमाज पढ़नेवालों को पानी के पैकेट देने के लिए सरकार
ने #5 करोड़ रुपए दिए हैं । महानगरपालिकाआें को नमाज स्थल के गड्ढे भरने के
लिए 5 करोड़ रुपए दिए हैं । राज्य की #500 मस्जिदों में प्रत्येक को 2 लाख
रुपए दिए हैं । प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो चावल और बिरयानी मसाला देने के
लिए यह रकम दी है । राज्य में मुसलमानों को #12 प्रतिशत आरक्षण है । इतना
आरक्षण और कहीं नहीं ।
🚩#श्री.
टी.एन. मुरारी ने भी कहा कि तेलंगाना का तेलंगाना राष्ट्र समितीप्रणित
शासन तथा सभी राजकीय पक्ष अल्पसंख्यकों का सर्वाधिक तुष्टीकरण कर रहे हैं
🚩आंध्रप्रदेश
और तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के भरोसे पर शासन स्थापित किया जाता है ।
इसलिए वहां सभी पक्ष ‘इफ्तार’ भोज का आयोजन करते हैं । उनमें राजकीय
नेताआें सहित प्रशासकीय अधिकारी भी सम्मिलित होते हैं; परंतु वही नेता और
अधिकारी गणेशोत्सव के समय गणेशपूजन के लिए बुलाकर भी नहीं आते ।
🚩आगे
कहा कि तेलंगाना में पहले 1 हजार तालाब थे । अब वहां केवल 12 तालाब रह गए
हैं । उस स्थान पर देवताआें की मूर्तियां विसर्जित करने से रोका जाता है;
क्योंकि उस क्षेत्र में अल्पसंख्यकों ने अनेक मस्जिदें बनाई हैं । तेलंगाना
राष्ट्र समिति का शासन अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण के लिए बहुसंख्यकों का
आरक्षण और सुविधाएं देनेका निरंतर प्रयत्न कर रहा है । उस क्षेत्र में चर्च
और मस्जिद बनाने के लिए तहसील कार्यालय से तत्काल अनुमति दी जाती है ।
🚩#श्री.
आनंद पाटील ने कहा कि, भारत  #‘रामराज्य’, सम्राट युधिष्ठिर का
‘धर्मराज्य’ और छत्रपति शिवाजी महाराज का #‘हिन्दवी स्वराज्य’, आदि आदर्श
राजकीय व्यवस्थाआें की परंपरा है; परंतु वर्तमान में #राज्यव्यवस्था,
#शिक्षा, #स्वास्थ्य, #पुलिस और अन्य सभी व्यवस्थाआें में  #भ्रष्टाचार बढ़
रहा है । कार्य और व्यवसाय करते समय इन दृष्पप्रवत्तियों के कारण अनेक
बाधाआें का सामना करना पड़ता है । सामान्य व्यक्ति भी #अधर्माचरण,
धर्मनिरपेक्षतावाद के कारण उस व्यवस्था का एक घटक बनता जा रहा है । ‘यह
राष्ट्र मेरा है, यह मेरी मातृभूमि है और मैं समाज का एक घटक हूँ’ इस
दृष्टि से सामाजिक कर्तव्य के लिए इस #भ्रष्ट व्यवस्था के विरोध में खड़े
रहकर वैध मार्ग से संघर्ष करना चाहिए ।
🚩अब देखते है इन #हिन्दुत्वनिष्ठों की #आवाज #सरकार सुनती है कि नही???
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हिन्दू संतों को बदनाम करने की साजिश नाकाम, लड़की बोली कभी नहीं हुआ बलात्कार, गलत लिखा था बयान

हिन्दू संतों को बदनाम करने की साजिश नाकाम, लड़की बोली कभी नहीं हुआ बलात्कार, गलत लिखा था बयान
जून,20,2017
media against saints
इतिहास
साक्षी है कि जब-जब देश पर #राष्ट्र विरोधी #ताकतों द्वारा प्रहार किया
जाता है तब उनके बचाव में जो भी #राष्ट्र हितैषी लोग आगे आते हैं उनको
#बदनाम करके #जेल भेजा जाता है या हत्या कर दी जाती है ।
पिछले
कुछ समय से तो हिन्दू #साधु-संतों को #बदनाम करने की पुरजोश साजिश चल रही
है क्योंकि भारत में कई करोड़ जनता हिन्दू साधु-संतों में श्रद्धा रखती है
और उनके बताये मार्ग अनुसार कार्य करती है । पर राष्ट्र #विरोधी ताकतों
द्वारा जिनको भारत में #धर्मांतरण करवाना है, विदेशी प्रोडक्ट बेचना है,
पश्चिमी संस्कृति लाना है उनको ये सब सहन नही होता है क्योंकि उनके आड़े आते
हैं ये हिन्दू साधु-संत । इसलिए #राष्ट्र विरोधी ताकतें #मीडिया का
दुरूपयोग करके साधु-संतों को #बदनाम करने की साजिश करती हैं और कुछ
स्वार्थी, #लालची नेताओं से मिलकर उनको #जेल में भी भिजवा दिया जाता है या
हत्या कर दी जाती है ।
अभी
थोड़े दिन पहले केरल स्थित कोल्लम के पनमना आश्रम के #’हिन्दू ऐक्या वेदी’
नाम के संगठन से जुड़े 54 साल के एक स्वामी जी मीडिया की सुर्खियों में रहे
, मीडिया ने उनकी खूब बदनामी की ।
बताया गया कि लड़की का बलात्कार करने की कोशिश की तो चाकू से उनका लिंग काट दिया गया ।
एक
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि 32 साल की महिला ने अपनी शिकायत में
कहा है कि स्वामी जी की पिछले कुछ साल से उसके परिवार के साथ जान-पहचान थी
और वह तब से उसका उत्पीड़न कर रहा है जब वह छोटी थी।
19
मई 2017 को स्वामी जी ने दुराचार का प्रयास किया तो महिला ने उसका विरोध
किया और चाकू से उसका लिंग काट दिया। स्वामी जी के खिलाफ मामला दर्ज कर
लिया गया है ,मामले का अधिक विवरण देने को मना कर दिया गया था ।
केरल के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि युवती की हर संभव सहायता करेंगे युवती का ‘‘यह साहसिक कदम था, इसमें कोई संदेह नहीं है।’’
जबकि
स्वामी जी ने लड़की द्वारा लिंग काटने की बात को नकार दिया था। उन्होंने
कहा था कि उसका लिंग किसी काम का नहीं रहा था जिसके चलते उसने खुद ही उसे
काट दिया था।
#मीडिया ने भी स्वामी जी को बदनाम करते हुए खूब #टीआरपी कमाई लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई तो मीडिया मौन हो गई ।
युवती
ने वकील को एक खत लिखा है । जिसमें कहा है कि स्वामी जी की ओर से मेरे साथ
कभी भी यौन उत्पीड़न नहीं किया गया है । उस समय भी जब मै #नाबालिग थी या
अब जब मै बालिग हो गई हूँ । स्वामी जी के ऊपर मेरा लगाया हुआ सारा आरोप गलत
है। पुलिस द्वारा अलग से आरोप जोड़ा गया है । पुलिस द्वारा दबाव भी बनाया
जा रहा है । स्वामी जी ने कभी भी मेरे साथ बलात्कार नही किया है ।
अब
देखिए कैसे पुलिस जबरदस्ती बयान करवा लेती है और उस पर दबाव भी डालती है,
पुलिस पर भी #राजनेताओ का दबाव होता है, कुछ राजनेता राष्ट्र-विरोधी ताकतों
द्वारा काम करते हैं जिसमें हिन्दू साधु-संतों के जेल भेजने का टारगेट
होता है । उसमें अहम भूमिका मीडिया की होती है जो उनको बदनाम करती है और
जैसे ही सच्चाई सामने आती है तो मौन हो जाती है खबरें दिखाना बन्द कर देती
है ।
#राष्ट्र
विरोधी ताकतों द्वारा संतों को #फंसाने में #महिला कानून का अंधाधुन
#दुरूपयोग किया जा रहा है जैसे कि गुजरात द्वारका के केशवानंदजी पर कुछ समय
पूर्व एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया और कोर्ट ने सजा भी सुना दी
लेकिन जब दूसरे जज की बदली हुई तब देखा कि ये मामला झूठा है तब उनको 7 साल
के बाद #निर्दोष बरी किया ।
85 वर्षीय #श्री कृपालु महाराज को भी बलात्कार के #झूठे आरोप में जेल भेजा गया था ।
ऐसे
ही दक्षिण भारत के #स्वामी नित्यानन्द जी के ऊपर भी सेक्स सीडी मिलने का
आरोप लगाया गया और उनको जेल भेज दिया गया बाद में उनको कोर्ट ने #क्लीनचिट
देकर बरी कर दिया ।
शिवमोगा
और बैंगलोर मठ के शंकराचार्य #राघवेश्वर भारती जी पर भी एक गायिका को 3
करोड़ नही देने पर 167 बार बलात्कार करने का #आरोप लगाया था ।
उनको भी कोर्ट ने निर्दोष बरी कर दिया ।
इसी
प्रकार का हाल ही में एक मामला सामने है बापू #आसारामजी और उनके बेटे
#नारायण साईं का । उनपर अक्टूबर 2013 में प्राथमिकी दर्ज की गई कि उनकेे
ऊपर आश्रम में रहने वाली सूरत गुजरात की 2 महिलायें, जो सगी बहनें हैं,
उनमें से बड़ी बहन ने बापू आसारामजी के ऊपर 2001 में और छोटी बहन ने नारायण
साईं जी पर 2003 में बलात्कार हुआ, ऐसा #आरोप लगाया है ।
किसके
दबाव में आकर 11-12 साल पुराना केस दर्ज किया गया । बड़ी बहन #FIR में
लिखती है कि 2001 में मेरे साथ बापू आसारामजी ने दुष्कर्म किया लेकिन जरा
सोचिए कि अगर किसी लड़की के साथ #दुष्कर्म होता है तो क्या वो अपनी सगी बहन
को बाद में #आश्रम में #समर्पित कर सकती है..???
लेकिन
बड़ी बहन ने छोटी बहन को 2002 में संत आसारामजी बापू आश्रम में समर्पित
करवाया था। उसके बाद छोटी बहन 2005 और बड़ी बहन 2007 तक आश्रम में रही ।
2010 में उनकी शादी हो गई । 2007 में वो आश्रम छोड़कर चली जाती हैं और जनवरी
2013 तक वो बापू आसारामजी और नारायण साईं के #कार्य्रकम में आती रहती
हैं, सत्संग सुनती हैं, #कीर्तन करती हैं ।
🚩लेकिन अचानक क्या होता है कि अक्टूबर 2013 में #बलात्कार का आरोप लगाती है ।
🚩पुलिस
ने भी दोनों लड़कियों का 5 से 6 बार बयान लिया उसमें हरबार बयान विरोधाभासी
आये और हर बार बयान बदल देती थी । इससे पता चलता है कि ये केस किसी द्वारा
उपजाऊ है ।
🚩इससे
बड़ी विडंबना देखिये कि दिसम्बर 2014 में लड़की केस वापिस लेना चाहती है
लेकिन सरकार द्वारा विरोध किया जाता है और #न्यायालय उसको केस वापिस लेने
को मना कर देता है ।
🚩यहाँ
तक कि केस 12 साल पुराना होते हुए भी, कोई सबूत न होते हुये भी, बापू
आसारामजी की #वृद्धावस्था को देखते हुए भी, 80 वर्ष की उम्र में चलना-फिरना
मुश्किल होते हुए भी, जमानत तक नही दी जा रही है ।
🚩लगातार
मीडिया द्वारा बापू आसारामजी की छवि को धूमिल करने का प्रयास करना, सरकार
द्वारा जमानत तक का विरोध करना और #न्यायालय का जमानत देने से इंकार
करना…क्या एक हिन्दू संत को जबरदस्ती साजिश कर फंसाने की बू नहीं आ रही
है..???
🚩और वो भी ऐसे संत जिन्होंने #हिन्दू संस्कृति का परचम विश्व में लहराया..!!!
🚩जिन्होंने देश और संस्कृति के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया…!!!
🚩जिन्होंने
पाश्चात्य कल्चर से युवाओं को बचाकर,वेलेंटाइन डे की गन्दगी से मातृ पितृ
पूजन दिवस शुरू करवा युवाओं को संयमी जीवन की ओर अग्रसर किया..!!!
🚩जब
दिल्ली में एक 6 साल पुराना #बलात्कार का केस दर्ज करवाने पर न्यायालय ये
बोलकर खारिज करता है कि केस 6 साल पुराना है और कोई सबूत नही है लेकिन वही
#न्यायालय #सूरत की 2 लड़कियाँ 12 साल पुराना केस दर्ज करवाती है लेकिन उसको
खारिज करना तो दूर की बात, #जमानत तक नही देता।
🚩ये सब देखकर क्या आपको नहीं लगता कि #सुनियोजित #षड़यंत्र करके केस दर्ज हुआ है..???
🚩आखिर कबतक हमारे निर्दोष संत यूँ ही प्रताड़ित होंगे उस कानून,सरकार के द्वारा जो रक्षक बनने का मुखौटा पहने बैठे हैं ।
🚩जागो हिन्दू!!
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बड़ा खुलासा : रेप केस में गायत्री प्रजापति को जमानत देने के लिए हुई थी 10 करोड़ की डील

बड़ा खुलासा : रेप केस में गायत्री प्रजापति को जमानत देने के लिए हुई थी 10 करोड़ की डील
जून,19,2017
उत्तर
प्रदेश #समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री #गायत्री प्रजापति को रेप के एक
मामले में मिली जमानत साजिश रचकर दी गई थी, जिसमें एक वरिष्ठ जज भी शामिल
थे। #प्रजापति को #जमानत देने के लिए #10 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था।
यह चौंकाने वाला खुलासा #इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक जांच में हुआ है।
gayatri-prasad-prajapati
#इलाहाबाद
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस #दिलीप बी भोसले ने प्रजापति को जमानत मिलने की
जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली
अदालतों में जजों की पोस्टिंग में हाई लेवल करप्शन की बात सामने आई है। इस
तरह की अदालतें रेप और हत्या जैसे जघन्य अपराधों के मामलों की सुनाई करती
हैं।
अपनी
रिपोर्ट में जस्टिस भोसले ने कहा कि अतिरिक्त जिला और सेशन जज #ओपी मिश्रा
को 7 अप्रैल को उनके रिटायर होने से ठीक तीन सप्ताह पहले ही पोक्सो
(प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) जज के रूप में तैनात किया
गया था। जज #ओपी मिश्रा ने ही #गायत्री प्रजापति को 25 अप्रैल को रेप के
मामले में जमानत दी थी। ओपी मिश्रा की नियुक्ति नियमों की अनदेखी करते हुए
और अपने काम को बीते एक साल से ‘उचित रूप से करने वाले’ एक जज को हटाकर हुई
थी।
#इंटेलिजेंस
ब्यूरो ने जज की पोक्सो पोस्टिंग में घूसखोरी की बात कही है। रिपोर्ट के
मुताबिक गायत्री प्रजापति को #10 करोड़ रुपये के ऐवज में जमानत दी गई थी।
इस रकम से पांच करोड़ रुपये उन तीन वकीलों को दिए गए जो मामले में बिचौलिए
की भूमिका निभा रहे थे बाकि के पांच करोड़ रुपये पोक्सो जज (ओपी मिश्रा) और
उनकी पोस्टिंग संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली कोर्ट में करने वाले
जिला जज राजेंद्र सिंह को दिए गए थे।
अपनी
गोपनीय रिपोर्ट में जस्टिस #भोसले ने कहा, ’18 जुलाई 2016 को पोक्सो जज के
रूप में #लक्ष्मी कांत राठौर की तैनाती की गई थी और वह बेहतरीन काम कर रहे
थे। उन्हें अचानक से हटाने और उनके स्थान 7 अप्रैल 2017 को ओपी मिश्रा की
पॉक्सो जज के रूप में तैनाती के पीछे कोई औचित्य या उपयुक्त कारण नहीं था।
मिश्रा की तैनाती तब की गई जब उनके रिटायर होने में मुश्किल से तीन सप्ताह
का समय था।’
#गायत्री
प्रजापित के खिलाफ रेप के एक मामले में #सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 17 फरवरी को #एफआईआर दर्ज की थी। उन्हें 15 मार्च को
गिरफ्तार कर लिया गया था। 24 अप्रैल को उन्होंने जज ओपी मिश्रा की अदालत
में जमानत की अर्जी दी और उन्हें मामले की जांच जारी रहने के बावजूद #जमानत
दे दी गई।
#आईबी
ने अपनी एक रिपोर्ट में ओपी मिश्रा की पोक्सो कोर्ट में #पोस्टिंग में
#भ्रष्टाचार की बात कही है। इस रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश में
न्यायपालिका में ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
आईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ओपी मिश्रा की ईमानदारी संदेह के घेरे में है
और उनकी छवि भी अच्छी नहीं है।’
इस
जांच में सामने आया है कि कैसे बार असोसिएशन के पदाधिकारी तीन वकीलों ने
मिश्रा की पोक्सो कोर्ट में तैनाती की डील फिक्स कराई। प्रजापति को जमानत
मिलने के तीन-चार सप्ताह पहले मिश्रा के चैंबर में जिला जज और तीनों वकीलों
के बीच कई बार बैठकें हुई। इनके बीच आखिरी बैठक 24 अप्रैल को हुई और इसी
दिन प्रजापति ने मिश्रा की कोर्ट में जमानत अर्जी दी थी।
पाठक समझ गये होंगे कि कानून तो अँधा है पर #भ्रष्ट जज उसका फायदा उठाते हैं तो कैसे मिल सकता है निर्दोषों को न्याय..???
आपने
देखा था कि जिला अदालत में #अपराध सिद्ध होने पर भी #सलमान खान को 2 घण्टे
में ही #जमानत मिल गई थी, #संजय दत्त सजा होने के बाद भी पैरोल पर बाहर
मजे से घूम रहा था जबकि कई #निर्दोष बिना अपराध सिद्ध हुए कई सालों से #जेल
में बंद हैं ।
#न्यायालय में #भ्रष्टाचार के कारण ही आज भी बड़े-बड़े #अपराधी बाहर घूम रहे हैं और निर्दोष जेल में बंद हैं।
आपको
बता दें कि ये कोई पहला मामला नही है जो रिश्वत लेते जज पकड़ा गया हो
#आंध्र प्रदेश में भी एक #कोर्ट का #न्यायधीश 2012 में जनार्दन रेड्डी को
जमानत देने के लिए #100 करोड़ की #रिश्व्त लेते पकड़ा गया था ।
हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर #न्यायालय में कार्यरत सीनियर जज भी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गये थे  ।
ऐसे
ही हाल ही में #सीबीआई ने दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में सीनियर सिविल #महिला
जज रचना तिवारी के घर पर छापेमारी की थी जहाँ करीब 94 लाख #रुपये #कैश
मिले थे ।
महिला
जज रचना तिवारी ने अपनी #कोर्ट में लगे एक सिविल केस में विवादित
#प्रॉपर्टी मामले में शिकायतकर्ता से उसके पक्ष में फैसले के लिए 20 लाख
रुपये की रिश्वत माँगी थी । महिला जज को सीबीआई ने जेल भेजा था ।
ये
तो दो-तीन जज रिश्वत लेते पकड़े गए इसलिये उनको गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन
ऐसे मामले तो कई हैं । देश के जजों में रिश्वतखोरी और #भ्रष्टाचार इतना बढ़
गया है कि अपराधियों को सजा और निर्दोषों को न्याय मिलना ही मुश्किल हो
गया है ।
इसकी पुष्टि भी कई जज कर चुके हैं :
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश काटजू ने कहा था कि #भारतीय न्याय प्रणाली में 50% जज भ्रष्ट है ।
सुप्रीम
कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश संतोष हेगड़े भी सवाल उठा चुके है कि ‘धनी और
प्रभावशाली’ तुरंत जमानत हासिल कर सकते हैं । #गरीबों के लिए कोई न्याय की
व्यवस्था नही है ।
कर्नाटक
हाईकोर्ट के पूर्व वरिष्ठ #न्यायाधीश जस्टिस के एल मंजूनाथ ने कहा कि यहाँ
सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए कोई स्थान नहीं है और इस देश में न्याय के
लिए कोई जगह नहीं ।
इसलिये आज न्याय प्रणाली से देश की जनता का भरोसा उठ गया है ।
देश में 2.78 लाख विचाराधीन कैदी है । इनमें से कई ऐसे हैं जो उस अपराध के लिए मुकर्रर सजा से ज्यादा समय जेलों में बिता चुके हैं ।
देश भर की जिला न्यायालयों में 2.8 करोड़ मामले लंबित हैं ।
आरोप साबित होने पर भी कई बड़ी हस्तियाँ बाहर घूम रही हैं और अभी तक जिन पर आरोप साबित नही हुआ है वो जेल में है ।
क्योंकि या तो न्याय पाने वाले गरीब है या तो कट्टर हिंदुत्ववादी हैं इसलिए उनको न्याय नही मिल पा रहा है ।
लालू,
तरुण तेजपाल, विजय माल्या, कन्हैया, बाबू लाल नागर आदि कई हैं जिनके
विरुद्ध पुख्ता सबूत होने पर भी आज बड़े मजे से बाहर घूम रहे हैं ।
लेकिन
9 साल से शंकराचार्य अमृतानन्द जी , हिन्दू संत #आसारामजी #बापू, 4 साल
से, कर्नल पुरोहित 7 साल से, श्री नारायण साई 3.5 साल से और 3 साल से धनंजय
देसाई आदि #बिना सबूत जेल में  हैं । इन सब पर अभी तक एक भी आरोप सिद्ध
नही होते हुए भी वो आज जेल के अंदर हैं ।
आखिर इनका ऐसा क्या अपराध है कि आतंकवादी के साथ भी उदारता का व्यवहार करने वाला हमारा न्यायालय इनको जमानत तक नही दे रहा है??
क्या ये हिन्दू संत है इसलिए..???
या इन्होंने रिश्वत नही दी इसलिए..???
या इन्होंने धर्मान्तरण पर रोक लगाई इसलिए..???
या इन्होंने पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया इसलिए..???
या फिर इन्होंने विदेशी कंपनियों से लोहा लिया इसलिए…???
या इन्होंने हिन्दू संस्कृति के प्रति जनता में जागृति लायी इसलिए..???
आखिर क्या कारण है हिन्दू संतों को जमानत तक न देने का..???
जनता
के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं इसलिए #न्याय प्रणाली को #भ्रष्ट मुक्त
होकर निर्णय लेना होगा जिससे #निर्दोष बेवजह सजा भुगतने को मजबूर न हो ।
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पत्रकार दीपक चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें, हजारों लोग गिरफ्तारी की कर रहे हैं मांग

पत्रकार दीपक चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें, हजारों लोग गिरफ्तारी की कर रहे हैं मांग
जून, 18, 2017
-पटना
न्यायालय ने दीपक चौरसिया को गैर जमानती वारंट ( Non-bailable Warrant )
भेजा है उसके बाद भी दीपक चौरसिया के न्यायालय में हाजिर नही होने पर लोगों
मे भारी आक्रोश है ।
नोएडा
पुलिस द्वारा भी कोई ठोस कदम नही उठाने पर  जनता सड़कों पर आ गई है और
नोएडा पुलिस से प्रश्न कर रही है कि क्या दीपक चौरसिया के लिए अलग कानून
है?
#ArrestCHORasia
क्यों गिरफ्तार नही कर रहे हो?
आज रविवार को हजारों लोगों द्वारा #ArrestCHORasia हैश टेग द्वारा ट्वीट की जा रही थी, जो भारत में टॉप ट्रेंड में दिख रहा था ।
सभी का एक ही कहना था कि क्या हमारी न्याय प्रणाली कमजोर है या पुलिस प्रशासन बिका हुआ है…???
आखिर क्यों दीपक चौरसिया को गिरफ्तार नही कर रही है पुलिस ???
आइए आपको बताते हैं ट्वीटर पर चौरसिया के लिए क्या रही लोगों की प्रतिक्रिया?
1.सुमन ने लिखा कि दिल्ली पुलिस को हर हाल में दीपक चौरसिया को गिरफ्तार करना होगा क्योंकि वो अब समाज का कैंसर बन चूका है । https://twitter.com/dhingra65/status/876411076988071938
2.
रेणुका लिखती हैं कि दीपक चौरसिया पर गैरजमानती वारंट! क्या पेड मीडिया
ट्रायल करेगी? शायद नहीं क्योंकि चोर-चोर मौसेरे भाई! #ArrestCHORasia
3.
सुमित लिखते हैं कि दीपक चौरसिया की पोल खुल चुकी है वो अब फर्जी स्टिंग
ऑपरेशनों द्वारा दर्शकों को बेवकूफ बनाना बंद करे #ArrestCHORasia
4. सोनिया लिखती हैं कि उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस शीघ्र ही दोषी पत्रकार दीपक को गिरफ्तार कर पटना सिटी कोर्ट को सुपुर्द करेगी ।
5. मनीष लिखते हैं कि दिल्ली पुलिस माननीय पटना सिटी कोर्ट के निर्देशों पे अमल कर फ़ौरन चौरसिया को गिरफ्तार करें ! https://twitter.com/MeghwalManu/status/876283390034685953
6.
सरिता का कहना है कि क्यों नही दिखा रहा मीडिया #ArrestCHORasia की
ब्रेकिंग न्यूज आज कहाँ गये वो सारे #Media420 जो सन्तों के बारे में झूठी
कहानियाँ सूना रहे थे ।
7. भीष्म लिखते हैं कि संतो को रात 12 बजे गिरफ्तार करने वाले कानून आज कहाँ है ?
क्यों दीपक चौरसिया को अब तक गिरफ्तार नही किया गया ?
8. ज्योति गंभीर का कहना है कि जिस ऑफिसर को दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी का आर्डर दिया गया,उसकी जांच होनी चाहिए ।
अब तक गिरफ्तार क्यों नही किया ?
9. कार्तिक लिखते हैं कि राष्ट्र व धर्म प्रेमी कर रहे विशाल धरना व पूछ रहे सवाल, अब तक क्यों नहीं #ArrestCHORasia ? https://twitter.com/KartikswamiDevm/status/876408940665470976
10. मनु श्री लिखती हैं कि निर्दोष संतों की गिरफ्तारी में जितनी जल्दीबाजी दिखाई गई,वैसे दीपक चौरसिया गिरफ्तारी में क्यों नही ।
इस
प्रकार से आज हजारों ट्वीटस हमें देखने को मिली जिसके माध्यम सेे लोग
चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उसे गिरफ्तार न करने के कारण पूछ
रहे थे पुलिस प्रशासन से ।
#इण्डिया
#न्यूज चैनल के दीपक चौरसिया के खिलाफ तीन-तीन बार #पटना #कोर्ट ने
#summons जारी किये, पर हर बार  न्यायालय की अवहेलना करने के कारण पटना
कोर्ट द्वारा चौरसिया को गिरफ्तार करने के लिए “गैर जमानती वारंट” जारी
किया गया ।
आपको
बता दें कि पहले भी कई बार दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर
धरने और ट्वीटर पर ट्रेंड देखने में आये हैं । अभी हाल ही में नोएडा पुलिस
मुख्यालय के सामने धरना दिया गया और जंतर-मंतर पर भी धरने दिये गये।
गौरतलब
है कि इंडिया न्यूज चैनल के दीपक चौरसिया ने हिन्दू संत आशारामजी बापू को
बदनाम करने के उद्देश्य से कई झूठे एवं मनगढ़ंत न्यूज बनाये और जनता को
गुमराह किया जबकि #पुलिस द्वारा उन आरोपों की पुष्टि अभी तक नही हुई ।
इसी
कारण पटना में रहने वाले श्री दिलीप कुमार ने, जिनकी धार्मिक भावना को ठेस
पहुँची थी, उन्होंने #पटना शहर के कोर्ट में दीपक चौरसिया एवं अन्य आरोपी
जिनमें इंडिया न्यूज चैनल के मालिक एवं निर्देशक भी सम्मलित हैं,  उनके
खिलाफ 15 मई 2014 को शिकायत दर्ज कराई थी ।
पटना कोर्ट ने इसकी गंभीरता को देखते हुए “#Non-bailable Warrant” जारी किया है ।
अब
देखना ये है कि बिना सबूत हिन्दू संतों को आधी रात को गिरफ्तार करने वाला
ये #पुलिस प्रशासन हजारों-लाखों लोगों की मांग को देखकर कितना #सक्रिय होता
है दीपक चौरसिया की #गिरफ्तारी को लेकर….!!!
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विदेश के हिन्दुआें की रक्षा के लिए सभी हिन्दुआें को आगे आना होगा : हिन्दू अधिवेशन

विदेश के हिन्दुआें की रक्षा के लिए सभी हिन्दुआें को आगे आना होगा : हिन्दू अधिवेशन
जून 17, 2017
#गोवा
: हिन्दू जन जागृति द्वारा गोवा में आयोजित छठे #अखिल भारतीय हिन्दू
अधिवेशन में #हिन्दुत्वनिष्ठों ने हिन्दुओं पर हो रहे #अत्याचार पर आवाज
उठाई ।
Add caption
श्रीलंका से आये #मरवनपुलावू सच्चिदानंदन ने कहा कि
दो
सप्ताह पूर्व ही एक #बौद्ध संगठन ने श्रीलंका को #‘बौद्ध राष्ट्र’ घोषित
किया । आज श्रीलंका में 2 जनपद मुसलमानबहुल हैं; परंतु 30 वर्ष पूर्व वहां
हिन्दुआें की संख्या 30 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 15 प्रतिशत हो गई है ।
श्रीलंका में ईसाईयों की संख्या भी निरंतर बढ रही है । वहां गरीब हिन्दुआें
को आर्थिक प्रलोभन देकर #योजनाबद्ध पद्धति से उनका #धर्मपरिवर्तन किया जा
रहा है । इसलिए श्रीलंका के हिन्दुआें की रक्षा के लिए हिन्दुआें का आगे
आना आवश्यक है ।  एशिया खंड के सर्व #हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन तथा राजकीय
पक्ष, श्रीलंका आएं और वहां के हिन्दुआें की रक्षा के लिए हमारी सहायता
करें ।
#बांग्लादेश में  #15 लाख से अधिक #हिन्दुआें की #हत्या
बांग्लादेश
माइनॉरिटी वॉच के अध्यक्ष अधिवक्ता #श्री. रवींद्र घोष ने कहा कि
बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए हिन्दू लड़े । उसके बदले में उन्हें क्या
मिला? यह प्रश्‍न उपस्थित हो रहा है । बांग्लादेश जब से स्वतंत्र हुआ है,
तब से आज तक वहां  15 लाख से अधिक हिन्दुआें की हत्या की गई है ।
स्वतंत्रता के पश्‍चात वहां के शासन ने संविधान में इस्लाम धर्मानुसार आचरण
करने की धारा घुसाई । तब से निरंतर वहां के हिन्दुआें की धार्मिक
स्वतंत्रता का अधिकार नकारा जा रहा है। वहां के हिन्दुआें को किसी प्रकार
का न्याय अथवा अधिकार नहीं मिलता, अपितु हिन्दुआें की भूमि बलपूर्वक दबा ली
गई ।
 हिन्दू लडकियों का अपहरण कर अत्याचार किए जाते हैं । एक हिन्दू शिक्षिका
के साथ एक स्थानीय राजकीय नेता ने भरे चौक में अभद्र व्यवहार कर उसे
अपमानित किया । विद्यालय के बुद्धिमान हिन्दू विद्यार्थियों को मारा जाता
है । अभी तक #बांग्लादेश के #3 सहस्र 336 मंदिर तोड़े गए हैं । ऐसे विविध
प्रकार से हिन्दुआें पर #अत्याचार और अन्याय किया जाता है तथा उस प्रत्येक
घटना के विरोध में #‘बांग्लादेश मायनॉरिटी वॉच’ संघर्ष कर रहा है । हिन्दू
धर्म और हिन्दू समाज पर अन्याय करनेवाला कोई भी हो, उसे न्याय दिलवाने के
लिए न्यायालय में जाने तथा अंतिम श्‍वास तक लड़ने की हमारी तैयारी है ।
#‘लव जिहाद एवंं #धर्मांतरण पर #प्रतिबंध आवश्यक’
अधिवक्ता
#सुशील अत्रे ने कहा कि, #‘लव जिहाद’ एक प्रकार का युद्ध है एवं हिन्दुओं
को यह लड़ाई करनी ही पड़ेगी । इस युद्ध में कानून का प्रभावी उपयोग कर सकते
हैं । लव जिहाद में जो युवतियां, महिलायें फंसती हैं, उन पर होनेवाले
अत्याचारों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट करने हेतु भारतीय दंडविधान धारा 366,
366A, तथा 418 का उपयोग करना संभव है । इसके अतिरिक्त लड़की अल्पवयीन है,
तो #‘पोक्सो एक्ट’ अंतर्गत भी अपराध प्रविष्ट कर सकते हैं । पुलिस द्वारा
अपराध प्रविष्ट करने से मना करने पर भारतीय दंडविधान 154 के अंतर्गत
संबंधित पुलिस के वरिष्ठ को हम परिवाद कर सकते हैं ।
कर्नाटक
के हिन्दू विधिज्ञ परिषद के उपाध्यक्ष अधिवक्ता #श्री. अमृतेश एन.पी. ने
हिन्दुआें के सामने की समस्या के ऊपर 6 पॉइंट बताये ।
1.
जिहाद करने के अनेक प्रकार हैं । उसमें #लव जिहाद बड़ी समस्या है । केरल
में तटवर्तीय क्षेत्र की अनेक युवतियां लापता हैं । उसके पीछे
#अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है । उसके लिए अरब देशों से धन दिया जाता है ।
2.
वर्तमान अभिभावकों को अपने बच्चों के भ्रमणभाष, फेसबुक और अन्य सामाजिक
जालस्थलों के खाते देखने चाहिए । यह देखने में आया है कि अनेक लड़कियों को
लव जिहाद में फंसाया गया है । इस पृष्ठभूमि पर वर्तमान महाविद्यालयों में
लव जिहाद के संबंध में जागृत किया जा रहा है । अनेक युवतियों को न्यायालय
के आदेश की सहायता से उससे बचने हेतु समझाया जा रहा है ।
3.
#कर्नाटक में प्रतिदिन #हिन्दू कार्यकर्ताआें की #हत्या हो रही है ।
आतंकवादी संगठन सिमी ने केरल राज्य में एक अलग नाम से संगठन बनाया है ।
4.
कर्नाटक में आनेवाले 2 वर्षों में चुनाव होनेवाले हैं । उसमें हम जो
हिन्दूहित में सहायता करेगा, उसे ही चुनेंगे, ऐसा प्रचार करनेवाले हैं ।
5.
#कर्नाटक और #आंध्रप्रदेश इन दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित गांवों के
मुसलमानों ने पूजा करना, साड़ी पहनना, ऐसी हिन्दू परंपराएं प्रारंभ की हैं ।
उन मुसलमानों का निजाम के काल में #धर्मपरिवर्तन किया गया था । अब वे
घरवापसी करनेवाले हैं तथा हम उनका समर्थन करते हैं ।
6. #हिन्दू राष्ट्र स्थापित होने तक #संवैधानिक मार्ग से हमारा संघर्ष चलता ही रहेगा ।
#कश्मीरी हिन्दुआें का #पुनर्वसन
यूथ
फॉर पनून कश्मीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष #श्री. राहुल कौल ने कहा कि अखिल
#भारतीय हिन्दू अधिवेशन की तरह एक भारत अभियान अब प्रत्येक हिन्दू के घर से
आरंभ होना चाहिए । उसके उपरांत उसकी व्याप्ति गली, प्रांत, जिला, राज्य इस
प्रकार बढ़ाते ले जाना चाहिए । इससे जिहादी आतंकवादियों का मनोबल टूटकर
देशभर में स्थान-स्थान पर निर्माण हो रही कश्मीरसदृश स्थिति रोकी जा सकती
है । #‘पनून कश्मीर’(अपना कश्मीर) की स्थापना ही ‘हिन्दू राष्ट्र’ का
प्रारंभ होगा । पिछले पूरे वर्ष चलाए गए अभियान के कारण हिन्दुआें के जनमत
का ध्वनि केंद्रशासन तक पहुंचा है । इसलिए केंद्रशासन को #‘हिन्दू राष्ट्र’
एवं ‘पनून कश्मीर’ को मान्यता देनी ही पड़ेगी ।
#गौरतलब
है कि #सनातन संस्था के अथाह प्रयास से देश-भर के #150 हिन्दू संगठन
इकट्ठे हुए हैं जो #हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं अब देखते
है #सरकार द्वारा उनको कितना #समर्थन मिलता है??
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अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन से घबराया मीडिया जगत

🚩अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन से घबराया मीडिया जगत..
🚩16, जून, 2017
 azaad bharat – sanatan sanstha
🚩गोवा
: #सनातन संस्था द्वारा लगातार 6 साल से देश-भर के संगठनों को बुलाकर
#हिन्दू अधिवेशन किया जा रहा है इस साल भी 14 जून से 17 जून तक ये अधिवेशन
चल रहा है। इसमें देश-भर से #150 से अधिक #हिन्दू संगठन आये हुए हैं और सभी
का एक ही लक्ष्य है हिन्दुस्तान को #”हिन्दू राष्ट्र” घोषित करो ।
🚩#छठे
अधिवेशन में हिन्दू संगठनों ने गर्जना कि है कि हिन्दुओं का कितना भी दमन
हो लेकिन #हिन्दू राष्ट्र घोषित करने पर कोई रोक नही लगा सकता है ।
🚩हिन्दू
संगठनों की बढ़ती ताकत से मीडिया जगत में भूचाल आ गया है कि यह सब हमारे
एजेन्डे से बाहर का काम हो रहा है । मीडिया का काम है राष्ट्र विरोधी
ताकतों द्वारा फंडिग लेकर #हिन्दुत्व को बदनाम करना, आज इसलिए मीडिया डरी
हुई है कि देशभर के हिन्दू संगठन एक हुए हैं तो कहीं #हिन्दुस्तान को
हिन्दू राष्ट्र घोषित नही कर दें , अगर हिन्दू राष्ट्र घोषित हुआ तो मीडिया
का देश विरोधी रवैया खत्म हो जायेगा ।
🚩मीडिया
ने लिखा कि हिन्दू अधिवेशन में #साध्वी सरस्वती ने भड़काऊ भाषण दिया,सरकार
क्यों कुछ नही कर रही है , दूसरा मीडिया ने ये हवाला देते हुए लिखा कि जैसे
#बाबरी मस्जिद का ढाँचा गिराने से पहले नही पता था फिर भी गिरा दिया, इसी
तरह इस बार भी हिन्दू अधिवेशन द्वारा भले लोगों को भनक नही लगे पर कहीं
एकाएक हिन्दू राष्ट्र घोषित न हो जाये इसलिए मीडिया जगत शौक में डूबा हुआ
है कि कहीं हमारी हिन्दुत्व विरोधी सालों की मेहनत पर पानी न फिर जाये !
🚩#सुदर्शन
न्यूज के चैयरमेन #श्री सुरेश चव्हाणके ने कई बार मीडिया की पोल खोलते हुए
बताया है कि भारत देश में अधिकतर #मीडिया की फंडिग विदेशों से होती है
मीडिया को फंडिग भेजने में सबसे आगे है #वेटिकन सिटी,जो भारत में ईसाई
#धर्मांतरण फैलाने के लिए मीडिया को पैसा देकर हिन्दू धर्म की बदनामी
करवाती है। विदेशी कंपनियों की भी भारी मात्रा में फंडिग होती है जो अपने
प्रोडक्ट बेचने के लिये देश की जनता का नैतिक पतन करवाने से भी पीछे नहीं
हटती । #सऊदी अरब भी #मुस्लिम धर्म को फैलाने के लिए फंडिग भेजता है जिसके
लिए मीडिया मुस्लिम धर्म का पक्ष ले और #लव जिहाद, #आतंक आदि पर मौन रहे ।
🚩अगर
भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित हो जाता है तो फिर मीडिया जगत की नही चलेगी
क्योंकि #धर्मांतरण पर रोक लगेगी, विदेशी कंपनियों के प्रोडक्ट बन्द हो
जायेंगे । जिसके कारण मीडिया को विदेश से फंडिग आना बंद हो जायेगा और देश
को तोड़ने की साजिश नही कर पायेगी । इसलिए #मीडिया जगत अखिल भारतीय हिंदी
#अधिवेशन के कारण शौक में डूबा हुआ है ।
🚩आपको
बता दें कि गुरुवार से कई हिन्दू संगठनों ने वर्तमान सरकार पर हमला करते
हुए बोला है कि देश की जनता ने मोदी जी को इसलिए बहुमत से जिताया था ताकि
भारत में #गौ-हत्या पर प्रतिबंध लग सके । श्री #राम मंदिर का निर्माण हो
सके । #साधु-संतों और #हिन्दुत्वनिष्ठों पर #अत्याचार बन्द हो और उनको जेल
से मुक्त किया जाये,कश्मीर में धारा 370 हटाकर फिर से वहाँ हिंदुओं को
बसाया जाये, #भ्रष्टाचार से मुक्ति मिले और भारत को “हिन्दू राष्ट्र” घोषित
किया जाए।  लेकिन तीन साल होने के बाद भी इसमें से अभीतक एक भी काम नही
हुआ है इसलिए वे बेहद नाराजगी जता रहे थे ।
🚩छठे अधिवेशन में #हिन्दुत्वनिष्ठों के उदगार…
🚩#हिन्दू
जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक #डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने  कहा
कि, एक ओर हम कहते है कि संविधान ने सभी को समान अधिकार दिया है; परंतु उसी
समय पाठशाला में हिन्दुआें को धर्मशिक्षा नकारी जाती है और अहिन्दुआें को
वह लेने का अधिकार है । आज केवल हिन्दुआें के मंदिरों का सरकारीकरण किया
जाता है । हिन्दुआें के मंदिरों का पैसा सामाजिक कार्य के लिए उपयोग में
लाया जाता है, इसके विपरीत अन्य धार्मिक स्थल कभी भी अधिगृहित नहीं किए
जाते । समान नागरी कानून हिन्दुआें के लिए ही अनिवार्य है ।
 🚩ऐसे
लोकतंत्र में हिन्दुआें को क्या कभी न्याय मिलेगा ? वर्तमान राज्यव्यवस्था
हिन्दू धर्मीय एवं भारतभूमि की रक्षा करने में असफल सिद्ध हुई है ।
🚩इसलिए
हिन्दू राष्ट्र ही सभी समस्याआें का समाधान है । #हिन्दू राष्ट्र की
#स्थापना हमारा केवल विचार नहीं, व्रत है और #संवैधानिक अधिकार उपयोग कर हम
उसे अवश्य पूरा करेंगे ।
🚩#गोवंश
रक्षा अभियान के अध्यक्ष #हनुमंत परब ने कहा कि जिस प्रकार मोदी जी के
शासन चुनाव की पृष्ठभूमि पर ‘चाय पर चर्चा’ की, उसी प्रकार गाय को बचाने के
लिए मोदी शासन #‘गाय पर चर्चा’ करे । गाय बचाने के लिए देशव्यापी #आंदोलन
चलाने की आवश्यकता है ।
🚩‘नॅशनल
सेंटर फॉर हिस्टॉरिकल रिसर्च #एन्ड कम्पॅरिटिव्ह स्टडी’ के श्री. नीरज
अत्री ने कहा कि, #राष्ट्रीय एवं शैक्षणिक संशोधन परिषद के
(एन.सी.ई.आर.टी.के) माध्यम से इस देश की #संस्कृति नष्ट करने का षड्यंत्र
रचा जा रहा है ।  इसे रोकने के लिए हमें सूचना अधिकार का प्रभावी उपयोग
करना चाहिए ।
🚩स्पिरिच्युअल
साइन्स रिसर्च फाऊंडेशन #के पु. सिरियाक वाले ने बताया कि कितनी भी बाधाएं
आए तब भी हिन्दू धर्म का सूक्ष्म तेजोमय परिणाम कोई नहीं रोक सकेगा, ऐसी
हमारी श्रद्धा है ।
🚩झारखंड
में तरुण हिन्दू संस्थापक #अध्यक्ष डॉ. नील माधव दास ने बताया कि
#धर्मनिरपेक्षता से हिन्दू धर्म #समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है ।
देश
के #किसान सर्वाधिक #आत्महत्या कर रहे हैं, तब भी #केंद्रशासन वर्तमान में
#मुसलमानों को धर्मनिरपेक्षता के नामपर #500 करोड रुपए विविध योजनाआें एवं
अनुदान से दे रही है । #मुसलमानों को दी जानेवाली ये सुविधाएं केंद्र में
भाजपा शासन आने पर न्यून होंगी, ऐसा लगा था; परंतु वैसा न होकर उन
सुविधाआें में वृद्धि हुई है । इसका कारण है धर्मनिरपेक्षता !
धर्मनिरपेक्षता के राज में ‘हिन्दू’ कहना #‘सांप्रदायिक’ होता जा रहा है ।
🚩उन्होंने
आगे कहा कि #धर्मनिरपेक्षता #घातक है । इससे #मुसलमान, #ईसाई और
#साम्यवादी एकजुट हो रहे हैं और उसके माध्यम से सुविधाएं लूट रहे हैं । ये
तीनों अपनी शक्ति बढाकर #हिन्दू धर्म समाप्त करने का #षड्यंत्र रच रहे हैं ।
धर्मनिरपेक्षता
के नाम पर #‘इस्लामी राष्ट्र’ घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है, हम
सभी को ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए कठोर परिश्रम करना पड़ेगा । आज
के काल में #साम्यवाद और #धर्मनिरपेक्षता इन दोनों शब्दों का कोई अर्थ नही
रहा ।
🚩अब देखते है इन #150 से अधिक हिन्दू संगठनों की आवाज सुनकर वर्तमान सरकार #हिन्दू राष्ट्र घोषित करती है या नही..??
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हिन्दुआें पर कितने भी अन्याय हों, हिन्दू राष्ट्र अवश्य स्थापित होगा : सनातन संस्था

हिन्दुआें पर कितने भी अन्याय हों, हिन्दू राष्ट्र अवश्य स्थापित होगा : सनातन संस्था
🚩जून 15, 2017
🚩हिन्दू
जनजागृति समिति द्वारा #हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु गोवा में 14 जून
से 17 जून तक छठे #अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में देश-भर के करीब #150
हिन्दू संगठनों ने भाग लिया है ।
Add caption
🚩सनातन
संस्था ने जो देश-भर से हिन्दू संगठनों को एकत्रित करने का अथाह प्रयास
किया उसके लिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विरोध हुआ लेकिन अधिकतर
देशवासियों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है ।
🚩#अधिवेशन
में पहुँची #साध्वी सरस्वती जी ने बुधवार (14 जून) को कहा कि हम किसी
राजनीतिक दल से नहीं हैं। हम राजधर्म में विश्वास रखते हैं और जब यहां
राजधर्म आएगा तब हमारी सरकार आएगी। #राजधर्म तब आएगा जब #गौमाता सुरक्षित
होंगी और #राम मंदिर बन जाएगा और हिन्दू खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। ये
हमारी सरकार नहीं है जहां गौमाता मारी जाती हैं।
🚩जी
हां, सरकार काम नहीं कर रही है। मोदी जी को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि
#राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए, #गौहत्या बंद होनी चाहिए। इसे
राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है।”
🚩#साध्वी
ने आगे कहा, “जो व्यक्ति अपनी माँ (गौमाता) का मांस खाने को अपना स्टेटस
सिंबल मानते हैं, ऐसे व्यक्तियों को भारत सरकार से निवेदन करती हूँ फांसी
पर लटकाना चाहिए, बीच चौराहे पर लटकाना चाहिए…तब लोगों को पता चलेगा कि गऊ
माता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। ”
🚩#साध्वी
ने आगे कहा कि #हिंदुओं को अपनी बेटियों को #“लव जिहाद” से बचाना होगा।
“लोग भूल गए हैं कि हमारे भगवानों और राजाओं ने अपनी रक्षा के लिए हथियार
उठाए थे । हिन्दुओं को भी अपनी आत्मरक्षा के लिए हथियार उठा लेने चाहिए
क्योंकि भारत और हिंदुत्व  खतरे में है। हमारी बहनें और गौमाता खतरें में
हैं। अगर हम शस्त्र नहीं रखेंगे तो आनेवाले समय में हमारा विनाश होगा।”
🚩प्रभु
#श्रीराम, भगवान #श्रीकृष्ण तथा छत्रपति #शिवाजी महाराज इनकी भूमि में
हमें हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए लड़ना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है
अभी हिंदुत्वनिष्ठ सरकार होते हुए भी #राममंदिर के
निर्माण हेतु उनके आगे हाथ जोड़ना पड़ रहा है । जिस दिन हिन्दुआें की आवाज
बुलंद हो जायेगी, उस दिन मंदिर का निर्माण होगा ।
🚩उन्होंने
आगे कहा कि कश्मीर को भारत से अलग करने का #षड्यंत्र चल रहा है तथा उसी के
एक भाग स्वरूप #अमरनाथ यात्रा बंद करने के प्रयत्न चल रहे हैं ।
 🚩हिन्दू
राष्ट्र ही सर्व समस्याआें का उत्तर है । जिन्हें इस देश में हिन्दू
राष्ट्र नहीं चाहिए, वे पाकिस्तान जा सकते हैं । देश के सर्व हिन्दुआें को
एकत्रित कर देशरक्षा और हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए एकत्र करना होगा ।
🚩भगवा
#आतंकवाद पर साध्वी ने बताया कि देश में भगवा आतंकवाद नहीं है । हिन्दुआें
ने देवता, देश और धर्म की रक्षा के लिए #अग्नि में स्वयं को समर्पित किया
है, इसलिए उसका रंग भगवा है ।
🚩#सनातन
संस्था के प्रवक्ता #अभय वर्तक ने बताया कि  हिन्दुआें को भारत में
हिन्दुत्वनिष्ठ शासन आने पर भ्रम हुआ कि देश में हिन्दू राष्ट्र आ गया ।
संसद के जनप्रतिनिधियों पर ही गंभीर आरोप हैं, उनसे न्याय की अपेक्षा नहीं
कर सकते ।
🚩वर्तक
जी ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार के संकुचित दृष्टिकोण के कारण न तो
#राममंदिर की स्थापना हो पाई और न #गो-हत्या पर प्रतिबंध लग पाया ।
भ्रष्टाचार, हिन्दुत्वनिष्ठों की हत्या, हिदुत्वनिष्ठों का दमन अभी भी जारी
है । हिन्दुआें पर अन्याय किया, इसलिए हिन्दुआें की आवाज नहीं दबेगी और न
ही हिन्दू राष्ट्र-स्थापना का कार्य रुकेगा । कुछ भी हो जाए, हिन्दू
राष्ट्र अवश्य आएगा, यह निश्‍चित है ।
 🚩हिन्दुआें
के हित में बोलते समय कितना भी विरोध हो, हम पीछे नहीं हटेंगे । वर्तमान
भ्रष्ट और अनैतिक समाज व्यवस्था हटाने के लिए हिन्दुत्वनिष्ठ कार्य करेंगे ।
पनून कश्मीर लाखों कश्मीरी हिन्दुआें की मांग है और वह लिए बिना हम हिन्दू
शांत नहीं बैठेंगे । यह देवताआें और संतों की भूमि है ।
🚩यति मां #चेतनानंद सरस्वतीजी ने बताया कि संसार में #हिन्दू धर्म बचेगा, तो ही #मानवता की रक्षा हो सकेगी ।
 इतिहासकाल से जब-जब हिन्दुआें पर #आक्रमण हुए हैं, तब-तब हिन्दुआें ने #क्षात्रवृत्ति से प्रतिकार कर उन्हें लौटाया है ।
🚩सनातन
धर्म आक्रमणों का प्रतिकार करना सिखाता है । आज भी #हिन्दू धर्म पर अनेक
#आघात हो रहे हैं । इन आघातों के प्रतिकार और हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए
प्रत्येक हिन्दू को स्वयं में #वीरत्व धारण करना पड़ेगा।
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मुंबई उच्च न्यायालय ने पूछा, ‘संजय दत्त ज्यादातर पैरोल पर रहने पर भी क्यों किया गया जल्दी रिहा?

🚩 *मुंबई उच्च न्यायालय ने पूछा, ‘संजय दत्त ज्यादातर पैरोल पर रहने पर भी क्यों किया गया जल्दी रिहा?’*
जून 13, 2017
Azaad Bharat – Sanjay Dutt
🚩मुंबई
उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र #सरकार से संजय दत्त को जल्द रिहा करने पर
सवाल किए हैं। सोमवार को न्यायालय ने पूछा कि, सरकार को अपने इस निर्णय पर
सफाई देनी होगी कि, संजय को आठ महीने पहले जेल से कैसे रिहा किया गया जबकि
वो ज्यादातर समय पैरोल पर रहे थे।
🚩
#न्यायालय ने कहा, ‘सरकार ने #संजयदत्त को रिहा करने पर उनके अच्छे
व्यवहार का हवाला दिया था परंतु वो आधे समय तक पैरोल पर बाहर थे। ऐसे में
सरकार ने उनके अच्छे व्यवहार का आंकलन कब और कैसे कर लिया।’
🚩
#जस्टिस #सावंत ने यहां पूछा कि ‘क्या सरकार ने #डीआईजी, जेल से सलाह ली
थी या जेल निरिक्षक ने सीधा अपनी सिफारिश #राज्यपाल को सौंप दी थी ?’
🚩आपको
बता दें कि, संजय को 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में पांच साल कैद की सजा
सुनाई गई थी। उनके अच्छे व्यवहार का हवाला देते हुए #पुणे की यरवदा जेल से
तय समय से आठ महीने पहले ही फरवरी 2016 में उन्हें जमानत दे दी गई थी।
🚩कोर्ट
ने सरकार को निर्देश दिए कि एक एफिडेविट फाइल करे। जिसमें ये बताया जाए कि
दत्त को जल्दी छोड़ने और छूट देने का आधार क्या था और इसके लिए क्या
प्रक्रिया अपनाई गई? कोर्ट इस मामले पर अागे की सुनवाई एक हफ्ते के बाद
करेगी।
🚩अब
बड़ा सवाल उठता है कि बिना सबूत #साध्वी प्रज्ञा को 9 साल में जेल में रखा
गया । 1 दिन भी छुट्टी नही दी जबकि वे #कैंसर से पीड़ित थी फिर भी इलाज के
लिये जमानत तक नही दी गई।
🚩स्वामी #असीमानंद को बिना सबूत 7 साल जेल में रखा उनको भी जमानत नहीं ।
🚩आज
भी बिना सबूत जम्मू के शंकराचार्य #अमृतानन्द 9 साल से, कर्नल पुरोहित 7
साल से, हिन्दू संत #आशारामजी बापू 4 साल से, #नारायण साईं 3 साल से,
#धनंजय देसाई 3 साल से जेल में बंद हैं लेकिन न ही इन सबको जमानत मिल पा
रही है और न ही एक दिन की भी छुट्टी दी जा रही है ।
🚩आखिर ऐसा क्यों..???
🚩क्या #नेता-अभिनेता, #पत्रकारों एवं #अमीरों के लिए और हिन्दू साधु-संतों एवं हिन्दू कार्यकर्ताओं के लिए अलग कानून है..???
🚩अगर
दत्त के अच्छे व्यवहार पर सरकार उसको जमानत, पैरोल और समय से पहले रिहा कर
सकती है तो हमारे हिन्दू संत और हिन्दू कार्यकर्त्ता जो चुपचाप सालों से
बिना किसी वजह जेल में सजा काट रहे हैं उनके प्रति क्यों कोई प्रतिक्रिया
नहीं दिखाती..???
🚩 आखिर ऐसा दोगलापन क्यो ..???
🚩नेता : #लालू प्रसाद 950 करोड़ के चारा घोटाले में दोषी पाये जाने के बाद भी बाहर आराम से घूम रहा है ।
🚩अभिनेता : #संजय दत्त को सजा होने के बाद भी अधिकतर बाहर पैरोल पर और बाद में सरकार ने सजा से 8 महीने पहले रिहा कर दिया ।
🚩पत्रकार : #तरुण तेजपाल का सीसी टीवी कैमरे में पुख्ता सबूत मिला पर फिर भी बलात्कार केस में बाहर घूम रहा है।
🚩अमीर : #विजय #माल्या 9000 करोड़ लेकर विदेश में ऐशो आराम की जिंदगी जी रहा है ।
🚩लेकिन
शंकराचार्य अमृतानन्द, हिन्दू संत आशारामजी बापू आदि बिना सबूत सालों से
जेल में हैं लेकिन उनको इलाज या किसी भी धर्मकार्य के लिए एक दिन भी छुट्टी
नही दी जा रही है ।
🚩जबकि उनके खिलाफ #षडयंत्र होने के कई पुख्ता सबूत भी मिल चुके हैं लेकिन फिर भी उनको अभीतक कोई राहत नही मिल रही है ।
🚩भारत
की जनता कई बार सवाल उठा चुकी है कि पहले तो विदेश से आई सोनिया गांधी की
सरकार थी जिससे हिन्दुत्वनिष्ठों पर अत्याचार हो रहा था लेकिन अब तो
हिंदुत्ववादी कहलाने वाली बीजेपी सरकार होते हुए भी निर्दोष साधु-संत और
हिन्दू #कार्यकर्ता जेल के अंदर हैं तो जनता के मन में ये प्रश्न उठ रहे
हैं कि कहीं इसमें हिंदुत्ववादी कहलाने वाली #सरकार भी बाहर नही आने देने
में तो शामिल तो नही है..???
🚩जनता
का मानना है कि दोषी नेता-अभिनेता, पत्रकार आदि बाहर मजे से घूम रहे हैं
और निर्दोष जेल के अंदर बंद हैं और वर्तमान सरकार चुप्पी साधे है जिससे साफ
हो रहा है कि कहीं न कहीं वर्तमान सरकार की भी मिलीभगत है।
🚩भले
ही वर्तमान में निर्दोष #हिंदुत्वनिष्ठ जेल में बंद करके सताए जा रहे हो
और दोषी बाहर मजे से घूम रहे हो लेकिन इसका परिणाम देश-समाज के लिए खतरनाक
साबित हो सकता है क्योंकि अगर एक के बाद एक हिन्दुत्वनिष्ठों को फंसाया
जाएगा तो कोई देश की संस्कृति की रक्षा के लिए आगे नही आयेगा और राष्ट्र
विरोधी ताकतें इसका फायदा उठाकर देश को फिर से गुलामी की जंजीरों में
ढकेलने की #कोशिश करेंगे इससे समाज भी सुरक्षित नही रह पायेगा ।
🚩अतः
अभी भी समय है भारतीय #संस्कृति प्रेमी एक हो जाओ । जो भी
हिन्दुत्वनिष्ठों को फंसाया गया है या फंसाने की कोशिश करते हैं उनके खिलाफ
डटकर मुकाबला करें नही तो एक बात एक बारी होगी…..
🚩जय हिंद
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   🚩🇮🇳🚩 आज़ाद भारत🚩🇮🇳🚩